मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों को लेकर नई जानकारी सामने आई है। विदेश मंत्रालय के अनुसार इस समय करीब 9000 भारतीय नागरिक ईरान में मौजूद हैं। इनमें छात्र, नाविक, व्यापारी, पेशेवर और कुछ तीर्थयात्री भी शामिल हैं। सरकार ने बताया कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर भारतीयों को सुरक्षित बाहर निकालने की तैयारी भी की जा रही है। कई भारतीय पहले ही सुरक्षित तरीके से अपने घर लौट चुके हैं।
कई भारतीयों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया
विदेश मंत्रालय ने बताया कि तेहरान और आसपास के इलाकों में मौजूद कई भारतीयों को फिलहाल सुरक्षित शहरों में स्थानांतरित किया गया है। सरकार उन भारतीयों की भी मदद कर रही है जो पड़ोसी देशों के रास्ते भारत लौटना चाहते हैं। जिन लोगों को अजरबैजान या आर्मेनिया के रास्ते जाना है, उनके लिए वीजा और यात्रा से जुड़ी मदद दी जा रही है। वहां से लोग कमर्शियल फ्लाइट के जरिए भारत लौट सकते हैं। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि हर भारतीय नागरिक की सुरक्षा उसकी प्राथमिकता है।
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ईंधन संकट की अफवाहों पर सरकार का बयान
इस बीच देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी को लेकर कई तरह की अफवाहें भी फैल रही हैं। तेल कंपनियों ने साफ कहा है कि देश में ईंधन की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है। सभी पेट्रोल पंप और वितरण केंद्र सामान्य तरीके से काम कर रहे हैं और पेट्रोल-डीजल की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध है। लोगों से अपील की गई है कि वे किसी भी अफवाह पर भरोसा न करें और सामान्य तरीके से ही ईंधन का उपयोग करें।
युद्ध के कारण बढ़ा तनाव और खतरा
मिडिल ईस्ट में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। अलग-अलग इलाकों में मिसाइल और ड्रोन हमलों की खबरें सामने आ रही हैं। कुछ क्षेत्रों में रॉकेट हमलों के कारण लोगों को बंकरों में शरण लेनी पड़ी। वहीं समुद्री रास्तों पर भी खतरा बना हुआ है, जिससे तेल और व्यापारिक जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। ऐसे हालात में भारत सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठा रही है।