Operation Sindoor: स्विट्जरलैंड के एक प्रतिष्ठित सैन्य थिंक टैंक की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारतीय वायुसेना की निर्णायक कार्रवाई ने पाकिस्तान को सीजफायर के लिए मजबूर कर दिया था। रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल–मई 2025 में चले इस ऑपरेशन में भारत ने बिना परमाणु सीमा पार किए रणनीतिक बढ़त बनाए रखी और पाकिस्तान की सैन्य क्षमताओं को गंभीर नुकसान पहुंचाया।
ऑपरेशन का विश्लेषण
पुली स्थित सेंटर डी’हिस्टोयर एट डे प्रॉस्पेक्टिव मिलिटेयर्स (CHPM) द्वारा जारी रिपोर्ट ‘ऑपरेशन सिंदूर: द इंडिया–पाकिस्तान एयर वॉर’ में चार दिवसीय सैन्य कार्रवाई का विस्तृत आकलन किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए, जिससे पाकिस्तान की रणनीति बिखर गई।
भारतीय रक्षा मजबूत
रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान ने Yihaa III, Bayraktar TB2 और Akinci जैसे ड्रोनों का इस्तेमाल किया, लेकिन वे भारतीय वायु रक्षा प्रणाली को भेदने में नाकाम रहे। जवाबी कार्रवाई में भारत ने पाकिस्तान की वायु रक्षा, रडार सिस्टम और मिसाइल बैटरियों को निशाना बनाया, जिससे उनकी निगरानी और जवाबी क्षमता कमजोर हो गई।
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बड़ा असर
भारतीय सशस्त्र बलों ने Harop और Harpy जैसी लूटेरिंग म्यूनिशन्स के साथ BrahMos, SCALP-EG और Rampage मिसाइलों का इस्तेमाल किया। इन हमलों में कई पाकिस्तानी एयर बेस, रडार और कमांड सेंटर क्षतिग्रस्त हुए। रिपोर्ट में दावा है कि 7 से 10 मई के बीच पाकिस्तानी वायुसेना के कई लड़ाकू विमान भी नष्ट किए गए।
सीजफायर की मजबूरी
रिपोर्ट का निष्कर्ष है कि इन समन्वित और गहरे हमलों से पाकिस्तान का हवाई कवरेज बुरी तरह प्रभावित हुआ। भारत ने एस्केलेशन पर नियंत्रण रखते हुए सैन्य दबाव बनाया, जिसके चलते पाकिस्तान को सीजफायर की ओर बढ़ना पड़ा। स्विस रिपोर्ट इसे 2025 भारत-पाक संकट पर एक स्वतंत्र यूरोपीय विश्लेषण मानते हुए भारतीय वायुसेना की रणनीतिक श्रेष्ठता को रेखांकित करती है।