Pakistan-Bangladesh Relations: भारत और बांग्लादेश के बीच मौजूदा तनाव के बीच पाकिस्तान ने ढाका से रिश्ते मजबूत करने की कोशिशें तेज कर दी हैं। पाकिस्तान के आर्मी चीफ असीम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की रणनीति को लेकर क्षेत्रीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं। जानकारों का कहना है कि पाकिस्तान की बढ़ती सक्रियता से बांग्लादेश में कट्टरपंथ और राजनीतिक अस्थिरता को बढ़ावा मिलने की आशंका जताई जा रही है।
रिश्ते गहराने पर जोर
पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने रविवार को बांग्लादेश के विदेश मंत्री मोहम्मद तौहीद हुसैन से टेलीफोन पर बातचीत की। इस दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई। बातचीत में व्यापार, आर्थिक सहयोग और आपसी संपर्क बढ़ाने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
सहयोग बढ़ाने की बात
पाकिस्तानी विदेश कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि दोनों देशों ने मौजूदा द्विपक्षीय रिश्तों की समीक्षा की। इसमें व्यापार, निवेश और आर्थिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी। साथ ही कई क्षेत्रों में सहयोग को नई दिशा देने की इच्छा भी जताई गई।
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शेख हसीना के अपदस्थ होने के बाद बदला समीकरण
2024 में बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद पाकिस्तान ने ढाका के साथ संपर्क बढ़ा दिया है। इसके बाद से दोनों देशों के राजनीतिक और सैन्य स्तर पर संवाद में तेजी आई है। कई उच्चस्तरीय दौरों और बैठकों को इसी बदले हुए समीकरण का हिस्सा माना जा रहा है।
क्षेत्रीय हालात पर चर्चा
बातचीत के दौरान दोनों विदेश मंत्रियों ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर भी विचार किया। उन्होंने साझा हितों को आगे बढ़ाने और क्षेत्रीय शांति व स्थिरता के लिए लगातार संपर्क बनाए रखने पर जोर दिया। यह संवाद पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच बढ़ते जुड़ाव का संकेत माना जा रहा है, जिसका असर आने वाले समय में क्षेत्रीय राजनीति पर दिख सकता है।