IndiGo crisis reaches Parliament: इंडिगो की लगातार रद्द हो रहीं उड़ानों का मुद्दा अब संसद तक पहुँच चुका है। शुक्रवार को लोकसभा में बीजेपी सांसद जगदंबिका पाल ने इस संकट पर गंभीर चिंता जताई और कहा कि सप्ताहांत में सांसदों को अपने क्षेत्रों में लौटने में भारी दिक्कतें आ रही हैं। उन्होंने बताया कि उनकी अपनी दो उड़ानें रद्द हो चुकी हैं। पाल ने जोर देकर कहा कि जब यात्रियों को थोड़ी सी देरी पर एयरलाइन कोई राहत नहीं देती, तो फिर सैकड़ों उड़ानें रद्द होने की स्थिति में जिम्मेदारी किसकी बनती है? सांसद ने सरकार से तुरंत हस्तक्षेप कर हालात सामान्य कराने की अपील की।
अब जवाबदेही कौन लेगा
शून्यकाल के दौरान जगदंबिका पाल ने कहा कि डीजीसीए द्वारा उड़ान समय-सीमा तय किए जाने के बावजूद इंडिगो इन नियमों का समुचित पालन नहीं कर पा रही है, जिसके कारण सैकड़ों उड़ानें रद्द हुई हैं। उन्होंने कहा, “हम अगर 5 मिनट देर से पहुँचे तो एयरलाइन दरवाज़ा बंद कर देती है, लेकिन आज जब पायलटों की कमी से उनकी ही उड़ानें ठप हैं, तो यात्रियों की सुरक्षा और भरोसे की जिम्मेदारी कौन उठाएगा?” पाल ने सवाल उठाया कि सांसद अपने क्षेत्र कैसे जाएंगे और सोमवार को संसद की कार्यवाही में समय पर लौट पाएंगे या नहीं।
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हालात जल्द सामान्य होने की उम्मीद
बीते चार दिनों में इंडिगो की 1300 से अधिक उड़ानें रद्द होने से देशभर में यात्रियों को कठिनाई का सामना करना पड़ा है। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु जैसे बड़े एयरपोर्ट यात्रियों से भरे नजर आए। संकट बढ़ने पर डीजीसीए ने वीकली रेस्ट संबंधी आदेश को तुरंत प्रभाव से वापस ले लिया है, ताकि पायलटों की उपलब्धता बढ़ सके। केंद्र सरकार भी एक्टिव मोड में है और नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने 24×7 मॉनिटरिंग के साथ हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले 2–3 दिनों में उड़ान सेवाएँ पूरी तरह सामान्य हो जाएँगी।