Indonesia Eyes BrahMos Missile: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इंडोनेशिया दौरे के दौरान भारत और इंडोनेशिया के बीच रक्षा सहयोग को लेकर महत्वपूर्ण प्रगति की उम्मीद जताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, दोनों देशों के बीच ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल प्रणाली से जुड़ी नई डील पर चर्चा हो सकती है। बताया जा रहा है कि इंडोनेशिया पहले हुए समझौते के बाद अतिरिक्त ब्रह्मोस बैटरियां खरीदने में रुचि रखता है। यदि यह समझौता आगे बढ़ता है तो दोनों देशों के रणनीतिक संबंध और मजबूत हो सकते हैं।
अतिरिक्त मिसाइल बैटरियों पर हो सकती है सहमति
जानकारी के मुताबिक, मार्च 2026 में हुए शुरुआती समझौते के बाद इंडोनेशिया अपनी तटीय सुरक्षा क्षमता बढ़ाने के लिए भारत से और अधिक ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम खरीदना चाहता है। शुरुआती समझौता तटीय रक्षा जरूरतों को ध्यान में रखकर किया गया था। अब दोनों देशों के बीच सहयोग को अगले चरण तक ले जाने की दिशा में बातचीत जारी है।
समुद्री सुरक्षा में अहम भूमिका निभा सकती है ब्रह्मोस
इंडोनेशिया हजारों द्वीपों वाला देश है और उसकी समुद्री सीमाएं काफी विस्तृत हैं। ऐसे में लंबी दूरी तक सटीक मार करने वाली ब्रह्मोस जैसी मिसाइल प्रणाली उसकी तटीय सुरक्षा को मजबूत बनाने में उपयोगी मानी जा रही है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह का सहयोग हिंद-प्रशांत क्षेत्र में दोनों देशों की सामरिक क्षमता को भी मजबूत करेगा।
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तकनीक और खनिज सहयोग पर भी नजर
रक्षा सहयोग के अलावा दोनों देशों के बीच रक्षा तकनीक के आदान-प्रदान और महत्वपूर्ण खनिज संसाधनों पर भी चर्चा होने की संभावना है। इंडोनेशिया निकल जैसे खनिजों का बड़ा उत्पादक देश है, जिनका उपयोग रक्षा और उच्च तकनीक वाले उपकरणों के निर्माण में किया जाता है। ऐसे में इस यात्रा के दौरान कई समझौतों पर सहमति बन सकती है।
'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' को मिलेगा नया बल
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा भारत की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ को आगे बढ़ाने की दिशा में भी अहम माना जा रहा है। दोनों देश समुद्री सुरक्षा, रक्षा उद्योग, संयुक्त सैन्य अभ्यास और रणनीतिक सहयोग जैसे क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने पर लगातार काम कर रहे हैं। प्रस्तावित रक्षा समझौते से भारत और इंडोनेशिया के बीच दीर्घकालिक सहयोग को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।