RE-NEET Exam: पेपर लीक विवाद के बाद आज यानि 21 जून को देशभर में 'री-नीट' परीक्षा का दोबारा आयोजन किया गया। इस बार नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने सुरक्षा और समय को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया। NTA के नियमों के मुताबिक परीक्षा केंद्रों पर एंट्री बंद होने का समय दोपहर 1:30 बजे तय किया गया था। ठीक 1:30 बजे मुख्य द्वार बंद कर दिए गए। लेकिन मुंबई, बेंगलुरु और भोपाल जैसे शहरों से ऐसी तस्वीरें आईं जहां छात्र महज 1 या 2 मिनट की देरी से पहुंचे और उन्हें अंदर जाने नहीं दिया गया। बच्चे गेट के बाहर रोते और हाथ जोड़कर एंट्री मांगते रहे, लेकिन अधिकारियों ने नियमों का हवाला देकर मना कर दिया।
एक्सीडेंट की वजह से छूटा पेपर
भोपाल में एक छात्र का सेंटर पर आते समय एक्सीडेंट हो गया था। जिसके बाद उपचार के लिए लेकर जाया गया और वह परीक्षा केंद्र पर समय से नहीं पहुंच सका। उम्मीदवार के चाचा आमिर कादरी ने कहा कि मैं अपने भतीजे के साथ उसके एग्जाम के लिए यहां आया हूं। फर्स्ट एड लेने के चक्कर में उसे थोड़ी देर हो गई, लेकिन इसके बावजूद उसे परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं मिली।
हिजाब और बुर्के पर रोक
राजस्थान के अजमेर में कुलसुम बानो नाम की छात्रा को बुर्का और हिजाब पहनकर एंट्री देने से मना कर दिया गया। छात्रा का कहना था कि उन्होंने 3 मई की परीक्षा में भी यही पहना था, लेकिन आज उनसे दुपट्टा और बुर्का हटाने को कहा गया। शुरू में उन्होंने कहा कि अंदर जाने के लिए मुझे टुपट्टा हटाना होगा फिर उन्होंने जोर दिया कि मुझे बुर्का भी हटाना होगा। अगर मुझे परीक्षा देनी है और वे मुझे इन कपड़ों में अंदर नहीं आने देते, तो मैं परीक्षा ही नहीं दूंगी। छात्रा ने कहा कि उनके लिए उनकी पहचान ज्यादा जरूरी है।
काटे गए कलावा
अहमदाबाद के वस्त्रापुर में परीक्षा केंद्र के बाहर सुरक्षाकर्मियों ने हिंदू छात्रों के हाथों में बंधे कलावा को काट दिया, जिसके बाद अभिभावकों ने काफी नाराजगी जताई। हालांकि अभिभावकों के विरोध के बाद परीक्षा सेंटर को अपनी गलती का एहसास होने पर मुस्लिम छात्राओं को हिजाब के साथ प्रवेश मिला, लेकिन जिन छात्रों का कलावा काटा गया था, वो वापिस नहीं बांधा जा सका।
15 मिनट का अधिक समय
आपको बता दें कि री-नीट परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित की गई, जिसमें छात्रों को लिखने के लिए 15 मिनट का अतिरिक्त समय भी दिया गया था। लेकिन कड़े नियमों और समय की पाबंदी के कारण कई छात्र परीक्षा हॉल तक पहुंच ही नहीं पाए।