टी20 वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत से ठीक 24 घंटे पहले भारतीय टीम को बड़ा झटका लगा है। युवा तेज गेंदबाज हर्षित राणा चोट के कारण पूरे टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं। साउथ अफ्रीका के खिलाफ वॉर्म-अप मैच में हर्षित के घुटने में चोट लगी थी। मेडिकल टीम ने कोशिश जरूर की, लेकिन समय कम होने की वजह से उनका पूरी तरह फिट होना संभव नहीं हो पाया। ऐसे में टीम इंडिया ने अनुभव को तरजीह देते हुए मोहम्मद सिराज को स्क्वॉड में शामिल कर लिया है। सिराज की यह टी20 टीम में लंबे समय बाद वापसी मानी जा रही है।
ऑस्ट्रेलिया को सबसे बड़ा नुकसान
चोटों का असर सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रहा है। ऑस्ट्रेलिया की टीम को इस वर्ल्ड कप से पहले सबसे बड़ा झटका लगा है। टीम के दो सबसे भरोसेमंद तेज गेंदबाज पैट कमिंस और जॉश हेजलवुड टूर्नामेंट से बाहर हो चुके हैं। कमिंस पीठ की गंभीर चोट से जूझ रहे हैं, जबकि हेजलवुड हैमस्ट्रिंग और एचिलीज इंजरी से उबर नहीं पाए। इन दोनों की गैरमौजूदगी से ऑस्ट्रेलिया का तेज गेंदबाजी आक्रमण कमजोर हुआ है। टीम ने बैकअप के तौर पर नए गेंदबाजों को मौका दिया है, लेकिन अनुभव की कमी साफ नजर आ सकती है।
साउथ अफ्रीका और न्यूजीलैंड की मुश्किल
साउथ अफ्रीका की टीम को भी डबल झटका लगा है। बाएं हाथ के बल्लेबाज टोनी डे जोरजी हैमस्ट्रिंग टियर के कारण वर्ल्ड कप से बाहर हो गए हैं। उनके अलावा डोनोवन फरेरा भी कंधे की चोट से उबर नहीं पाए। वहीं न्यूजीलैंड को अपने तेज गेंदबाज एडम मिल्न को गंवाना पड़ा है, जिन्हें लेफ्ट हैमस्ट्रिंग टियर हो गया। उनकी जगह टीम में काइल जेमिसन को शामिल किया गया है।
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7 खिलाड़ी बाहर, टूर्नामेंट और रोमांच पर असर
अब तक हर्षित राणा को मिलाकर कुल 7 खिलाड़ी चोट की वजह से टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर हो चुके हैं। इस लिस्ट में अफगानिस्तान के तेज गेंदबाज नवीन उल हक का नाम भी शामिल है, जिन्हें कंधे में स्ट्रेस फ्रैक्चर हुआ है। इतने बड़े नामों का बाहर होना टूर्नामेंट के रोमांच और टीमों की रणनीति पर असर डाल सकता है। हालांकि क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है और यही मौका नए खिलाड़ियों के लिए खुद को साबित करने का भी होता है। अब देखना दिलचस्प होगा कि चोटों से जूझती टीमें मैदान पर इस कमी को कैसे पूरा करती हैं।