भारत में हर साल लाखों शादियां होती हैं और एक आम शादी में भी 10–15 लाख रुपये आसानी से खर्च हो जाते हैं। बहुत-से परिवार कर्ज लेकर शादी करते हैं, लेकिन हैरानी की बात यह है कि देश में एक सरकारी योजना ऐसी भी है, जो शादी करते ही कपल्स को 2.5 लाख रुपये देती है। इसे लेकर जागरूकता इतनी कम है कि 90% लोग इस स्कीम के बारे में जानते ही नहीं। यह योजना खास तौर पर उन कपल्स के लिए है जो सामाजिक सरोकार और बराबरी को बढ़ावा देने वाली शादी करते हैं। सरकार का मानना है कि यह वित्तीय सहायता सामाजिक एकीकरण को मजबूत करती है।
क्या है योजना और किसे मिलता है फायदा?
इस योजना का नाम है Dr. Ambedkar Scheme for Social Integration through Inter-Caste Marriages। यह योजना डॉ. अंबेडकर फाउंडेशन द्वारा 2013 में शुरू की गई थी और आज भी जारी है। स्कीम के तहत यदि कोई युवक या युवती, जो दलित समुदाय से नहीं है, दलित समुदाय के व्यक्ति से शादी करता है तो उस जोड़े को 2.5 लाख रुपये की सहायता दी जाती है। यह राशि एक प्रतीक है कि समाज में बराबरी और इंटर-कास्ट रिश्तों को प्रोत्साहन मिले। इसमें सरकार साफ बताती है कि यह मदद केवल पहली शादी के लिए है और शादी हिंदू मैरिज एक्ट 1955 के तहत रजिस्टर्ड होना जरूरी है।
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कौन-कौन सी शर्तें पूरी करनी होंगी?
इस स्कीम का लाभ पाने के लिए कपल को शादी के एक साल के भीतर आवेदन करना होता है। अगर किसी राज्य सरकार से पहले कोई आर्थिक सहायता मिली है तो वह राशि 2.5 लाख में से घटा दी जाती है। स्कीम की राशि दो हिस्सों में मिलती है 1.5 लाख रुपये कपल के जॉइंट अकाउंट में NEFT/RTGS के जरिए भेजे जाते हैं। जबकि एक लाख रुपये तीन साल के लिए एफडी में रखे जाते हैं और बाद में ब्याज सहित दंपत्ति को दिए जाते हैं। आवेदन के लिए दलित पार्टनर का जाति प्रमाण पत्र, मैरिज सर्टिफिकेट, पहली शादी होने का प्रमाण, जॉइंट अकाउंट और आय प्रमाण पत्र जरूरी होते हैं।
आवेदन कैसे करें और कहां मिलती है पूरी जानकारी?
अगर कोई कपल इंटर-कास्ट शादी करता है तो वह अपने सांसद, विधायक की सिफारिश के साथ आवेदन डॉ. अंबेडकर फाउंडेशन को भेज सकता है। आवेदन जिला प्रशासन या राज्य सरकार के माध्यम से भी भेजा जा सकता है। स्कीम से जुड़ी सारी जानकारी और आवेदन फॉर्म वेबसाइट ambedkarfoundation.nic.in पर उपलब्ध है। सरकार का कहना है कि यह योजना केवल आर्थिक मदद देने के लिए नहीं, बल्कि समाज में समानता और सामूहिकता को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई है। ऐसे कपल्स, जो आर्थिक दबाव में शादी का बोझ मुश्किल से उठाते हैं, उनके लिए यह स्कीम बड़ी राहत साबित हो सकती है।