International Overdose Awareness Day: हर साल 31 अगस्त को इंटरनेशनल ओवरडोज अवेयरनेस डे मनाया जाता है। अक्सर ओवरडोज नाम सुनते ही लोगों के दिमाग में नशीली दवाओं या ड्रग्स का ख्याल आता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हमारे घर के फर्स्ट एड बॉक्स में रखी आम दवाएं भी गलत मात्रा में ली जाएं, तो जानलेवा साबित हो सकती है। सिरदर्द, हल्का बुखार या सर्दी-जुकाम होने पर बिना डॉक्टर की सलाह के दवा लेने की आदत शरीर के अंदरुनी अंगों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है।
दवाइयों का ओवरडोज कैसे होता है?
जल्दी आराम पाने की चाहत में अक्सर लोग एक की जगह दो गोलियां खा लेते हैं या दिन में कई बार दवा ले लेते हैं, बिना पर्ची के मिलने वाली ओटीसी दवाएं भी सही खुराक में न ली जाएं, तो उतनी ही खतरनाक हो जाती है, जितनी कोई हार्ड ड्रग होती है। तो आइए जानते हैं ऐसी 7 आम दवाओं के बारे में जो जरूरत से ज्यादा लेने पर सीधे शरीर के अंदरूनी अंगों को नुकसान पहुचाती हैं।
पैरासिटामोल
पैरासिटामोल सबसे आम दवा है, यह दवा ज्यादातर घरों में मिल जाती है। जरा सा बुखार या बदन दर्द होने पर लोग तुरंत इस दवा को खा लेते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह दवा सीधे आपके लिवर को नुकसान पहुंचाती है। लगातार या भारी डोज में इसका सेवन लिवर को पूरी तरह डैमेज कर सकता है, जिससे इंसान की जान तक जा सकती है।
इबुप्रोफेन
यह दर्द निवारक दवा ज्यादा मात्रा में लेने पर पेट में जलन, अल्सर और पेट के अंदर ब्लीडिंग करवा सकती है। वहीं लंबे समय तक ज्यादा डोज से किडनी फेल होने का खतरा भी रहता है।
खांसी और जुकाम की सिरप
सर्दी-खांसी होते ही लोग अपने से कोई भी कफ सिरप खरीदकर पीने लगते हैं, लेकिन कफ सिरप का अधिक सेवन नर्वस सिस्टम पर असर डालता है। इससे बहुत तेज चक्कर आना, सुस्ती और सांस लेने में तकलीफ हो सकती है।
एस्पिरिन
खून को पतला करने और सिर दर्द की यह दवा भारी डोज में लेने पर पेट के अंदर ब्लीडिंग हो सकती है। कई मामलों में खून की उल्टियां और पेट में असहनीय दर्द की नौबत आ जाती है।
नींद और तनाव की गोली
आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में नींद न आना या तनाव होना आम बात है। ऐसे में कुछ लोग बिना डॉक्टर की सलाह के गोलियां खा लेते हैं। लेकिन बिना डॉक्टर की सलाह के ली गई नींद की गोली नर्वस सिस्टम को इतना धीमा कर देती हैं कि मरीज कोमा में जा सकता है।
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ब्लड प्रेशर की दवाएं
बीपी के मरीजों को हमेशा डॉक्टर की बताई गई डोज ही लेनी चाहिए। बीपी की दवा की ज्यादा डोज लेने से ब्लड प्रेशर अचानक बहुत नीचे गिर सकता है। जिससे बेहोशी या हार्ट बीट रुकने का खतरा हो सकता है।
एंटीडिप्रेसेंट
डिप्रेशन की दवाओं की खुराक खुद से बढ़ाने पर दिल की धड़कन अनियंत्रित हो सकती है और मानसिक संतुलन बिगड़ सकता है।
किन लोगों में ज्यादा खतरा?
छोटे बच्चे
बुजुर्ग
लिवर रोगी
किडनी रोगी
एक साथ कई दवाएं लेने वाले मरीज
ओवरडोज के लक्षण दिखने पर तुरंत क्या करें?
अचानक बहुत ज्यादा उल्टी या जी मिचलाना
सांस लेने में भारी परेशानी होना या सांस की गति बहुत धीमी पड़ जाना
मरीज का अचानक बेहोश हो जाना या लड़खड़ा कर बोलना
होठों या उंगलियों के नाखूनों का नीला पड़ना
पल्स रेट बहुत तेज या बहुत धीमी हो जाना
सुरक्षा और बचाव के उपाय
कोई भी दवा लेने से पहले डॉक्टर या फार्मासिस्ट से उसकी सही खुराक समझें
एक ही परेशानी के लिए अलग-अलग ब्रांड की दो दवाएं एक साथ न खाएं
पुराने पर्चे देखकर महीनों बाद खुद से वही दवा दोबारा न खरीदें