आईपीएल 2026 जैसे-जैसे प्लेऑफ की तरफ बढ़ रहा है, वैसे-वैसे इसका रोमांच भी चरम पर पहुंचता जा रहा है। अभी तक किसी भी टीम ने आधिकारिक तौर पर प्लेऑफ में जगह पक्की नहीं की है और आठ टीमें अब भी रेस में बनी हुई हैं। यही वजह है कि हर मुकाबला बेहद अहम बन गया है। इसका असर दर्शकों की संख्या पर भी साफ दिखाई दे रहा है और इस सीजन रिकॉर्ड स्तर पर लोग टूर्नामेंट से जुड़े हैं।
1.1 अरब तक पहुंची कुल रीच
जियोस्टार के लीनियर टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आईपीएल 2026 की कुल रीच 1.1 अरब तक पहुंच गई है। यह आंकड़ा दिखाता है कि टूर्नामेंट को लेकर लोगों में कितना उत्साह बना हुआ है। लगातार बदलती अंक तालिका और आखिरी समय तक जारी प्लेऑफ की लड़ाई दर्शकों को स्क्रीन से जोड़े हुए है।
टीवी और डिजिटल दोनों पर बढ़ी पकड़
लीनियर टीवी पर आईपीएल की पहुंच लगातार मजबूत बनी हुई है और यह 50 करोड़ के आंकड़े की तरफ बढ़ रही है। वहीं डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पिछले सीजन की तुलना में 15 प्रतिशत ज्यादा लोगों ने टूर्नामेंट देखा है। इसके साथ ही वॉच टाइम में भी 7 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
क्षेत्रीय भाषाओं ने बढ़ाया असर
इस बार क्षेत्रीय भाषाओं में मैच देखने का चलन भी तेजी से बढ़ा है। क्षेत्रीय भाषा फीड पर वॉच टाइम पिछले सीजन के मुकाबले 42 प्रतिशत तक बढ़ गया है। वहीं कनेक्टेड टीवी यानी सीटीवी पर पहुंच में 25 प्रतिशत और देखने के समय में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई है।
विज्ञापनदाताओं का भी बढ़ा भरोसा
आईपीएल की बढ़ती लोकप्रियता का असर विज्ञापन बाजार पर भी देखने को मिला है। पिछले सीजन के मुकाबले इस बार 125 नए विज्ञापनदाता जुड़े हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर 22 और टीवी पर 16 बड़े ब्रांड्स ने साझेदारी की है। इससे साफ है कि कंपनियां भी आईपीएल को दर्शकों तक पहुंचने का बड़ा मंच मान रही हैं।
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प्लेऑफ की जंग बना रही सुपरहिट
इस सीजन सिर्फ अंक तालिका का उतार-चढ़ाव ही नहीं, बल्कि युवा खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन और बड़े खिलाड़ियों की निरंतर फॉर्म भी आकर्षण का बड़ा कारण बनी है। अब हर मुकाबला प्लेऑफ की तस्वीर बदल सकता है और यही रोमांच दर्शकों को लगातार आईपीएल से जोड़े हुए है।