लखनऊ विश्वविद्यालय में एक कथित वायरल ऑडियो ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस ऑडियो को जूलॉजी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. परमजीत सिंह और एक छात्रा के बीच की बातचीत बताया जा रहा है। हालांकि ऑडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऑडियो सामने आने के बाद विश्वविद्यालय परिसर में हलचल तेज हो गई है और पूरे मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है।
मिलने का दबाव और पेपर का दावा
वायरल बातचीत में कथित तौर पर शिक्षक छात्रा पर मिलने के लिए लगातार दबाव बनाते सुनाई दे रहे हैं। छात्रा अपनी मां की तबीयत खराब होने की बात कहती है, लेकिन बातचीत में कथित तौर पर पैसे की मदद और डॉक्टरों की सुविधा देने जैसे प्रस्ताव भी सामने आते हैं। सबसे गंभीर हिस्सा तब सामने आता है जब शिक्षक परीक्षा के पेपर को लेकर दावा करते हैं कि उन्होंने उसके लिए कोर और इलेक्टिव दोनों पेपर आउट कर रखे हैं।
छात्रा ने की शिकायत
जानकारी के मुताबिक छात्रा लंबे समय से परेशान थी। जब मामला ज्यादा बढ़ गया तो उसने जूलॉजी विभाग की शिक्षिका प्रोफेसर अमिता कनौजिया से शिकायत की। छात्रा ने कुछ ऑडियो क्लिप भी सौंपे, जिसके बाद मामला सामने आया। शिकायत मिलने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया और जांच प्रक्रिया शुरू कर दी।
कमेटी कर रही जांच
विश्वविद्यालय की इंटरनल कंप्लेंट कमिटी इस पूरे मामले की जांच कर रही है। विश्वविद्यालय प्रवक्ता डॉ. मुकुल श्रीवास्तव ने कहा कि संस्थान की जीरो टॉलरेंस नीति है और जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही परीक्षा नियंत्रक की ओर से पुलिस को भी तहरीर दी गई है और संबंधित सामग्री सौंपी गई है।
पेपर लीक की पुष्टि नहीं
हालांकि विवाद का सबसे बड़ा पहलू पेपर आउट होने का दावा है, लेकिन अब तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। छात्रा ने कथित तौर पर पेपर लेने से इनकार किया और सीधे शिकायत कर दी। अभी तक यह भी सामने नहीं आया कि किसी अन्य छात्र तक पेपर पहुंचा या नहीं।
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फिलहाल परीक्षा तय समय पर
विश्वविद्यालय प्रशासन ने फिलहाल परीक्षा रद्द नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि पेपर लीक होने के पर्याप्त सबूत नहीं मिले हैं। इसी वजह से तय कार्यक्रम के अनुसार परीक्षा आयोजित की जाएगी। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जो पूरे मामले की तस्वीर साफ कर सकती है।