9 जनवरी 2026 को ईरान के सरकारी टीवी चैनल पर देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई का अहम भाषण प्रसारित किया गया। यह भाषण तेहरान समेत देश के सभी बड़े शहरों और ग्रामीण इलाकों में दिखाया गया। देश में जारी अशांति के बीच यह खामेनेई का पहला सार्वजनिक संबोधन था, जिसमें उन्होंने साफ कर दिया कि ईरान किसी भी तरह के विदेशी दबाव के आगे झुकने वाला नहीं है।
विदेशी हस्तक्षेप पर कड़ा रुख
अपने संबोधन में खामेनेई ने कहा कि ईरान विदेशी समर्थित ऑपरेटिव्स या एजेंटों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग जानबूझकर सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे हैं ताकि विदेशी ताकतों को खुश किया जा सके। खामेनेई ने कहा कि ऐसे लोग देश की शांति और स्थिरता को कमजोर करना चाहते हैं, लेकिन ईरानी जनता उनके मंसूबों को कभी कामयाब नहीं होने देगी।
ट्रंप पर सीधा हमला
ईरान के सर्वोच्च नेता ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि ट्रंप को ईरान पर बयान देने के बजाय अपने देश की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। खामेनेई ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि ईरान विदेशी दबाव या धमकियों से डरने वाला नहीं है और अमेरिका को यह बात अच्छे से समझ लेनी चाहिए।
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युवाओं से एकजुट रहने की अपील
खामेनेई ने खास तौर पर ईरान के युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि एकजुट राष्ट्र को कोई भी ताकत हरा नहीं सकती। उन्होंने कहा कि देश और जनता की रक्षा करना कोई आक्रमण नहीं है, बल्कि साम्राज्यवाद के सामने साहस दिखाना है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे एकता बनाए रखें और हर हाल में अपने देश के साथ खड़े रहें।
प्रदर्शनों को बताया विदेशी साजिश
अपने भाषण में खामेनेई ने देश में हो रहे प्रदर्शनों को अमेरिका और इजरायल से जुड़ी साजिश करार दिया। उन्होंने कहा कि यह अशांति ईरान के दुश्मनों द्वारा रची गई है। खामेनेई के मुताबिक, कुछ लोग विदेशी इशारों पर काम कर रहे हैं और अपने ही देश को नुकसान पहुंचा रहे हैं, लेकिन ईरानी जनता सच्चाई को समझती है।
दुश्मनों को दी कड़ी चेतावनी
अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसियों के हवाले से खामेनेई ने कहा कि जो भी ईरान के खिलाफ इस तरह की हरकतें करेगा, उसे भारी खामियाजा भुगतना पड़ेगा। उन्होंने ट्रंप को अहंकारी बताते हुए आरोप लगाया कि अमेरिकी नीतियों के कारण ईरानी नागरिकों को नुकसान हुआ है। खामेनेई ने यह भी कहा कि अमेरिका की मौजूदा नेतृत्व शैली टिकाऊ नहीं है और समय आने पर हालात खुद बदलेंगे।