ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच पाकिस्तान की भूमिका अचानक चर्चा में आ गई है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने पाकिस्तान की खुलकर तारीफ करते हुए कहा कि उसने युद्ध को रोकने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने बताया कि बातचीत के जरिए हालात को संभालने में पाकिस्तान ने जिम्मेदारी दिखाई और मध्यस्थ के तौर पर सक्रिय भूमिका निभाई। यह बयान ऐसे समय आया है जब क्षेत्र में लगातार तनाव बना हुआ है और कई देश समाधान की कोशिश में लगे हैं।
मुलाकात के बाद बड़ा बयान
पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर और ईरानी राष्ट्रपति के बीच हुई मुलाकात के बाद यह बयान सामने आया। इस बातचीत में दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय हालात और शांति बनाए रखने पर चर्चा की। पेजेशकियान ने साफ कहा कि पाकिस्तान ने न सिर्फ बातचीत को आगे बढ़ाया बल्कि तनाव कम करने में भी मदद की। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आगे भी इस तरह के सहयोग की जरूरत बनी रहेगी ताकि क्षेत्र में संतुलन बना रहे और किसी बड़े संघर्ष को टाला जा सके।
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ट्रंप ने भी की सराहना
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी पाकिस्तान की भूमिका को सकारात्मक बताया है। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ बातचीत अच्छी दिशा में आगे बढ़ रही है और जल्द ही किसी समझौते की उम्मीद है। ट्रंप के अनुसार पाकिस्तान ने दोनों देशों के बीच संवाद को मजबूत किया है, जिससे समाधान की राह आसान हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर समझौता होता है तो इसका असर वैश्विक स्तर पर दिखेगा और बाजार में स्थिरता आ सकती है।
होर्मुज पर बड़ा संकेत
इस पूरे घटनाक्रम के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर भी बड़ा संकेत मिला है। अगर तनाव कम होता है और समझौता होता है तो यह अहम समुद्री मार्ग खुला रह सकता है। इससे तेल और गैस की सप्लाई बेहतर होगी और वैश्विक बाजार में कीमतों पर दबाव कम हो सकता है। यह रास्ता दुनिया की ऊर्जा सप्लाई के लिए बेहद अहम माना जाता है और यहां स्थिरता का सीधा असर कई देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।
आगे क्या होंगे मायने
ईरान और अमेरिका के बीच अगर बातचीत सफल होती है तो यह पूरे क्षेत्र के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है। पाकिस्तान की बढ़ती भूमिका से उसके कूटनीतिक प्रभाव में भी इजाफा हो सकता है। फिलहाल सभी की नजरें इस संभावित समझौते पर टिकी हैं, क्योंकि इसका असर न सिर्फ पश्चिम एशिया बल्कि पूरी दुनिया की राजनीति और अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।