Iran Us War: मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता से पहले हालात एक बार फिर तनावपूर्ण हो गए हैं। ईरान हॉर्मुज जलडमरूमध्य के मुद्दे पर सख्त रुख अपनाए हुए है, जिससे दूसरे दौर की बातचीत पर अनिश्चितता छा गई है। इसी बीच डोनाल्ड ट्रंप और पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर के बीच हुई बातचीत ने इस पूरे घटनाक्रम को और अहम बना दिया है।
हॉर्मुज पर टकराव बढ़ा
हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ईरान का रुख कड़ा हो गया है। लेबनान में सीजफायर के बाद खोले गए इस अहम समुद्री रास्ते को ईरान ने 24 घंटे के भीतर फिर से बंद कर दिया। इससे वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ गई है और अमेरिका-ईरान के बीच बनने वाली सहमति पर भी असर पड़ा है।
सीजफायर खत्म होने के करीब
अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्तों का युद्धविराम 21 अप्रैल को समाप्त होने वाला है। इससे पहले ट्रंप प्रशासन ने इसे शांति बहाली की दिशा में बड़ा कदम बताया था। लेकिन मौजूदा हालात में दोनों देशों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है, जिससे सीजफायर के आगे बढ़ने पर संशय गहराता जा रहा है।
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बातचीत का महत्व
रॉयटर्स के अनुसार, आसिम मुनीर ने ट्रंप से बातचीत में हॉर्मुज की नाकेबंदी को वार्ता में बड़ी बाधा बताया। ट्रंप ने इस पर विचार करने की बात कही है। माना जा रहा है कि पाकिस्तान इस पूरे मामले में मध्यस्थ की भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा है।
बढ़ी हलचल
इस्लामाबाद में हाल के दिनों में गतिविधियां तेज हो गई हैं। नूरखान एयरबेस पर अमेरिकी सैन्य विमानों के उतरने और सुरक्षा एजेंसियों की बढ़ती मौजूदगी से संकेत मिल रहे हैं कि संभावित वार्ता की तैयारी चल रही है। हालांकि, ईरान फिलहाल बातचीत के लिए तैयार नहीं दिख रहा और अपने न्यूक्लियर कार्यक्रम को लेकर भी सख्त रुख बनाए हुए है।