AI Visa Application Rejection: विदेश जाकर पढ़ाई करने की चाहत रखने वाले भारतीय छात्रों के लिए एक सतर्क रहने वाली खबर सामने आई है। आयरलैंड का स्टूडेंट वीजा अप्लाई करने वाले हजारों भारतीय छात्रों के सपने पर पानी फिर गया है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि वीजा एप्लिकेशन और स्टेटमेंट ऑफ पर्पस लिखने के लिए स्टूडेंट ChatGPT जैसे AI टूल्स का इस्तेमाल कर रहे हैं।
64 प्रतिशत आवेदन हुई खारिज
ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इस साल आयरलैंड में पढ़ाई के लिए कुल 5100 भारतीय छात्रों ने स्टूडेंट वीजा के लिए आवेदन किया था। हालांकि जब आयरिश दूतावास और वीजा अधिकारियों ने दस्तावेजों की जांच की, तो करीब 3300 आवेदनों को तुरंत खारिज कर दिया गया। सका सीधा मतलब यह है कि आवेदन करने वाले करीब 64 प्रतिशत भारतीय छात्रों का वीजा AI से लिखी स्क्रिप्ट के कारण तुरंत रद्द कर दिया गया।
अधिकारियों को कैसे हुई खबर
आजकल विदेशी दूतावासों के पास एडवांस AI डिटेक्टर टूल्स मौजूद है। जो यह आसानी से पकड़ लेते हैं कि कोई टेक्स्ट किसी इंसान ने अपने दिमाग से लिखा है या उसे कंप्यूटर से ऑटो-जनरेट कराया गया है। जब अधिकारियों ने फाइलों की जांच की, तो हजारों छात्रों की एप्लिकेशन्स में एक जैसी बनाटवी भाषा, शब्द और एक ही तरह का राइटिंग पैटर्न नजर आया। एआई से लिखे कंटेंट में छात्र की अपनी सोच, सच्चाई और मौलिकता पूरी तरह गायब थी।
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स्टेटमेंट ऑफ पर्पस अहम दस्तावेज
बता दें कि वीजा प्रक्रिया में स्टेटमेंट ऑफ पर्पस सबसे अहम दस्तावेज होता है। इसके जरिए वीजा अधिकारी यह जानना चाहते हैं कि छात्र वाकई उस देश में क्यों पढ़ना चाहता है और उसके भविष्य के क्या प्लान हैं। नियमों के मुताबिक यह लेटर छात्र को खुद लिखना होता है, लेकिन छात्रों ने मेहनत बचाने के लिए चैटजीपीटी से लेटर लिखवा लिया। दूतावाज ने इसे धोखाधड़ी और औपचारिकता की कमी मानते हुए वीजा खारिज कर दिया।