ईशान किशन की कप्तानी में झारखंड की टीम ने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025 का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया। फाइनल मुकाबले में झारखंड ने हरियाणा को 69 रनों से करारी शिकस्त दी। पहले बल्लेबाजी करते हुए झारखंड ने 20 ओवर में 262 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। इसके जवाब में हरियाणा की टीम दबाव में बिखर गई और 193 रनों पर ऑलआउट हो गई। इस जीत में झारखंड की पूरी टीम का योगदान रहा, लेकिन सबसे चमकदार प्रदर्शन कप्तान ईशान किशन का रहा, जिन्होंने फाइनल को पूरी तरह एकतरफा बना दिया।
चयन नहीं हुआ, लेकिन हिम्मत नहीं हारी
मैच के बाद ईशान किशन ने दिल खोलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि जब उनका चयन भारतीय टीम में नहीं हुआ था, तो उन्हें बहुत बुरा लगा था, क्योंकि वह लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे थे। ईशान ने कहा कि उस वक्त उन्होंने खुद से सवाल किया और सोचा कि शायद उन्हें और मेहनत करनी होगी। उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ व्यक्तिगत प्रदर्शन काफी नहीं है, बल्कि टीम को एक यूनिट की तरह जीत दिलाना जरूरी है। युवाओं को संदेश देते हुए ईशान ने कहा कि निराशा आपको पीछे ले जाती है, इसलिए मेहनत और खुद पर भरोसा कभी नहीं छोड़ना चाहिए।
फाइनल में शतक, हरियाणा बेबस
सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025 के फाइनल में ईशान किशन ने अपनी बल्लेबाजी से हर किसी को प्रभावित किया। उन्होंने सिर्फ 49 गेंदों में 101 रन की तूफानी पारी खेली। इस दौरान उनके बल्ले से 6 चौके और 10 छक्के निकले। ईशान के सामने हरियाणा के गेंदबाज पूरी तरह बेबस नजर आए। उनकी इस विस्फोटक पारी की बदौलत झारखंड 262 रनों के बड़े स्कोर तक पहुंच सका। शानदार प्रदर्शन के लिए ईशान किशन को फाइनल में प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड भी मिला।
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वर्ल्ड कप से पहले मजबूत दावा
ईशान किशन का यह प्रदर्शन ऐसे समय में आया है, जब कुछ ही दिनों में टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए भारतीय टीम का ऐलान होना है। इस टूर्नामेंट में ईशान सिर्फ कप्तान ही नहीं, बल्कि सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज भी साबित हुए। उन्होंने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025 में सबसे ज्यादा 517 रन बनाए और टॉप स्कोरर रहे। अब सवाल यही है कि क्या सेलेक्टर्स उनके इस दमदार प्रदर्शन को नजरअंदाज कर पाएंगे। ईशान ने खिताब और शतक के जरिए साफ कर दिया है कि वह बड़े मंच के लिए पूरी तरह तैयार हैं।