
इजरायल ने कतर की राजधानी दोहा में 9 सितंबर 2025 को हमास नेताओं को निशाना बनाते हुए बड़ा हवाई हमला अंजाम दिया। मिली जानकारी के अनुसार इस हमले में 15 फाइटर जेट्स और 10 म्यूनिशन्स का इस्तेमाल किया गया। जिसमें 6 लोगों की मौत हुई, जिनमें एक कतरी सुरक्षा अधिकारी भी शामिल था। इसके बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठा कि क्या कतर इजरायल जैसे शक्तिशाली देश को सैन्य स्तर पर जवाब देने की क्षमता रखता है?
ग्लोबल फायरपावर रैंकिंग में भारी अंतर
2025 के ग्लोबल फायरपावर इंडेक्स में इजरायल 15वें स्थान पर है और उसका पावर इंडेक्स स्कोर 0.2661 है। इसके मुकाबले कतर 62वें स्थान पर है और उसका स्कोर 1.0786 है। यानी इजरायल का सैन्य ढांचा और ताकत कतर की तुलना में कहीं अधिक उन्नत और अनुभवी है।
मानव संसाधन और सैन्य अनुभव
इजरायल की जनसंख्या तकरीबन 93 लाख है। जिसमें 6.3 लाख प्रशिक्षित सैन्यकर्मी शामिल हैं। इजरायल में अनिवार्य सैन्य सेवा का नियम होने के चलते सेना हमेशा तैयार और अनुभवी रहती है। जबकि कतर की कुल आबादी केवल 27 लाख है। वहीं कतर की सेना में सक्रिय सैनिकों की संख्या महज 11,800 है। देखा जाए तो कतर का सैन्य अनुभव भी बेहद सीमित है, क्योंकि उसने कभी कोई बड़ा युद्ध नहीं लड़ा।
वायु और थल शक्ति का अंतर
इजरायल के पास 612 विमान हैं जिनमें F-35, F-16 और F-15 जैसे दुनिया के सबसे आधुनिक फाइटर जेट्स शामिल हैं। वहीं कतर के पास 149 विमान हैं, जिनमें राफेल और F-15QA जरूर हैं लेकिन संख्या और अनुभव दोनों ही सीमित हैं। थल सेना में भी इजरायल के पास 1,370 उन्नत टैंक और 43,000 बख्तरबंद वाहन हैं, जबकि कतर के पास सिर्फ 62 टैंक और 2,000 बख्तरबंद वाहन हैं।
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मिसाइल और न्यूक्लियर ताकत
इजरायल के पास जेरिको III बैलिस्टिक मिसाइलें, आयरन डोम और डेविड्स स्लिंग जैसे रक्षा सिस्टम और अनुमानित 80–200 न्यूक्लियर हथियार हैं। कतर के पास केवल हेलफायर मिसाइलें और छोटे ड्रोन हैं, न तो लंबी दूरी की मिसाइलें और न ही न्यूक्लियर क्षमता।
कतर की असली ताकत : कूटनीति और गठबंधन
कतर के पास अमेरिका का अल उदेद एयर बेस है जहां 10,000 अमेरिकी सैनिक तैनात हैं, लेकिन अमेरिका सीधे इजरायल के खिलाफ सैन्य कदम उठाने से बच रहा है। ऐसे में कतर की सबसे बड़ी ताकत उसकी कूटनीति और मीडिया नेटवर्क है। अल जजीरा और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कतर इजरायल के खिलाफ माहौल बना सकता है। साथ ही, ईरान और तुर्की जैसे देशों से समर्थन लेने की कोशिश कर सकता है।
सैन्य नहीं, कूटनीतिक जवाब संभव
कतर के पास इजरायल पर सीधे सैन्य जवाब देने की क्षमता नहीं है। उसकी सेना रक्षात्मक है और छोटे स्तर के हमलों तक सीमित है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र और क्षेत्रीय सहयोगियों की मदद से कतर इजरायल पर कूटनीतिक और राजनीतिक दबाव जरूर बना सकता है।