Jaiveer Singh Lashes Akhilesh: उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर बयानबाजी तेज होती जा रही है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के ‘चंबल’ वाले बयान पर अब योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री जयवीर सिंह ने तीखा पलटवार किया है। झांसी दौरे पर पहुंचे जयवीर सिंह ने कहा कि अखिलेश यादव ने अपने बयान के जरिए समाजवादी पार्टी की मूल सोच और कार्यशैली को खुद ही उजागर कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा का राजनीतिक इतिहास अराजकता और गुंडागर्दी से जुड़ा रहा है।
सपा शासनकाल पर साधा निशाना
मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि 2012 से 2017 तक के समाजवादी पार्टी शासनकाल में प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब थी। उनके अनुसार उस दौर में अपराध और अराजकता की घटनाएं आम थीं। उन्होंने दावा किया कि 2017 में भाजपा सरकार बनने के बाद प्रदेश में कानून का राज स्थापित हुआ और विकास कार्यों को गति मिली। उन्होंने कहा कि जनता ने दो बार सपा को सत्ता से बाहर रखा है और 2027 में भी यही स्थिति बनी रहेगी।
मैनपुरी चुनाव का किया जिक्र
जयवीर सिंह ने पुराने चुनावी घटनाक्रमों का उल्लेख करते हुए कहा कि बैलेट पेपर के दौर में मैनपुरी लोकसभा क्षेत्र में चुनाव रद्द कर दोबारा कराना पड़ा था। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय चुनावी प्रक्रिया में व्यापक गड़बड़ियां और दबाव की शिकायतें सामने आई थीं। मंत्री ने कहा कि अब चुनावी व्यवस्था अधिक पारदर्शी और कानून के दायरे में संचालित होती है, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया मजबूत हुई है।
बिहार और यूपी की राजनीति का दिया उदाहरण
मंत्री ने बिहार की राजनीति का जिक्र करते हुए कहा कि वहां की जनता ने पुराने शासनकाल की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अपना फैसला दिया। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश की जनता भी पिछले शासनकाल के अनुभवों को भूली नहीं है और इसी वजह से भाजपा को लगातार समर्थन मिल रहा है। उनके मुताबिक विकास और सुशासन के मुद्दे आगामी चुनावों में भी निर्णायक भूमिका निभाएंगे।
2027 चुनाव से पहले तेज हुई सियासी बयानबाजी
अखिलेश यादव के बयान और उस पर भाजपा की प्रतिक्रिया ने प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। दोनों प्रमुख दल आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी-अपनी रणनीति बनाने में जुटे हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनाव नजदीक आते ही आरोप-प्रत्यारोप और तीखे बयान और बढ़ सकते हैं। फिलहाल ‘चंबल’ वाले बयान को लेकर सियासी घमासान जारी है।