मेरठ के रोहटा थाना क्षेत्र के बाड़म गांव में एक युवक की मौत ने बड़ा मोड़ ले लिया। शुरुआत में परिवार ने हत्या की आशंका जताई थी। 25 फरवरी को मृतक अमित के भाई सुमित ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। गांव वालों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर जाम भी लगाया। मामला बढ़ता देख पुलिस अधिकारियों ने जांच टीम बनाई और पूरे घटनाक्रम की पड़ताल शुरू की।
शराब पार्टी के बाद हुआ हादसा
जांच में सामने आया कि 23 फरवरी को गांव के ही प्रदीप ने अमित के साथ शराब पी थी। इसके बाद दोनों गन्ना लेकर सेंटर की ओर जा रहे थे। अमित ट्रैक्टर-ट्रॉली पर बैठा था। बताया गया कि प्रदीप नशे में तेज रफ्तार से ट्रैक्टर चला रहा था। इसी दौरान ट्रैक्टर का संतुलन बिगड़ा और आगे का हिस्सा ऊपर उठ गया। पीछे बैठे अमित गिरकर ट्रैक्टर के लोहे के हिस्से से टकरा गए, जिससे उन्हें गंभीर चोट लगी और मौके पर ही मौत हो गई।
मौत के बाद रची गई योजना
हादसे के बाद पुलिस या परिवार को सूचना देने के बजाय प्रदीप ने शव को छिपाने की साजिश बनाई। उसने अपने भाई राहुल और तीन मजदूरों को इसमें शामिल किया। आरोप है कि पांचों ने मिलकर दूसरे ट्रैक्टर की मदद से शव को दूसरी जगह ले जाकर फेंक दिया, ताकि मामला दब जाए। लेकिन यही कदम उन्हें बड़ी मुसीबत में ले आया।
जांच में खुली सच्चाई
पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की जानकारी के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। पूछताछ में दोनों भाइयों ने पूरी घटना कबूल कर ली। इसके बाद प्रदीप, राहुल और तीन अन्य लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार किए गए तीन आरोपी पीलीभीत जिले के रहने वाले बताए गए हैं। सभी पर गैर इरादतन हत्या और सबूत मिटाने की धाराएं लगाई गई हैं।
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दो ट्रैक्टर भी बरामद
पुलिस ने घटना में इस्तेमाल दो ट्रैक्टर भी जब्त किए हैं। एक ट्रैक्टर से हादसा हुआ था, जबकि दूसरे का इस्तेमाल शव को ले जाने में किया गया। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की गई है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखा गया है।
परिवार को मिला जवाब
इस कार्रवाई के बाद मृतक के परिवार को कुछ हद तक राहत मिली है। पुलिस का कहना है कि कानून के अनुसार आगे की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। गांव में भी अब स्थिति सामान्य हो रही है। हालांकि, यह घटना लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर रही है कि एक लापरवाही कैसे बड़ी साजिश में बदल सकती है।