जापान के उत्तरी हिस्से में 7.4 तीव्रता का भूकंप आने से अफरा-तफरी मच गई। झटके इतने तेज थे कि कई इलाकों में लोग घरों से बाहर निकल आए। NHK के अनुसार भूकंप के तुरंत बाद तटीय क्षेत्रों के लिए सुनामी की चेतावनी जारी कर दी गई। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों की ओर जाने को कहा है।
तटीय इलाकों में सुनामी का खतरा
भूकंप के बाद इवाते प्रीफेक्चर और होक्काइडो के कुछ हिस्सों में समुद्री लहरें 3 मीटर तक उठने की आशंका जताई गई है। अधिकारियों ने साफ कहा है कि लहरें कभी भी तट से टकरा सकती हैं और यह खतरा बार-बार आ सकता है। इसलिए लोगों को तुरंत ऊंची जगहों पर जाने और समुद्र किनारे से दूर रहने की सलाह दी गई है।
प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर
भूकंप के बाद सरकार और आपातकालीन सेवाएं पूरी तरह सक्रिय हो गई हैं। हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और संभावित नुकसान का आकलन किया जा रहा है। चेतावनी में कहा गया है कि सुनामी की लहरें तय समय से पहले या बाद में भी आ सकती हैं, इसलिए किसी भी तरह की लापरवाही से बचना जरूरी है।
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लहरों को लेकर विशेष चेतावनी
अधिकारियों ने बताया कि समुद्र और नदियों के किनारे रहने वाले लोगों को खास सतर्क रहने की जरूरत है। पानी का स्तर अचानक बढ़ सकता है, जिससे बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है। इसलिए लोगों को इन इलाकों से तुरंत दूर रहने के निर्देश दिए गए हैं। सुरक्षा एजेंसियां लगातार लोगों को अलर्ट कर रही हैं और सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम कर रही हैं।
जापान में भूकंप क्यों आते हैं
जापान की भौगोलिक स्थिति इसे भूकंप के लिहाज से संवेदनशील बनाती है। यहां पैसिफिक, फिलीपीन, यूरेशियन और नॉर्थ अमेरिकन प्लेट्स मिलती हैं, जिनमें लगातार हलचल होती रहती है। जब इन प्लेट्स के बीच दबाव बढ़ता है, तो भूकंप आता है। जापान रिंग ऑफ फायर क्षेत्र में आता है, जहां दुनिया के ज्यादातर भूकंप और ज्वालामुखी सक्रिय रहते हैं। यही वजह है कि यहां इस तरह की घटनाएं आम मानी जाती हैं।