
Jhalawar School Collapse Update: राजस्थान के झालावाड़ जिले के मनोहरथाना इलाके के पीपलोदी गांव में एक दर्दनाक हादसा हो गया, जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया. गांव के सरकारी स्कूल की छत ढहने से सात मासूम बच्चों की मौत हो गई और करीब एक दर्जन बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए. हादसे के बाद गांव में कोहराम मच गया. बच्चों की चीख-पुकार और मलबे के नीचे दबे मासूमों को खोजते परिजनों के दृश्य किसी को भी विचलित कर देने वाले थे. ग्रामीण खुद अपने हाथों से मलबा हटाकर बच्चों को निकालने में लगे रहे, लेकिन जब तक रेस्क्यू टीम पहुंची, तब तक चार बच्चों ने दम तोड़ दिया था.
जर्जर स्कूल बना मौत का गड्ढा
बताया जा रहा है कि यह स्कूल काफी पुराना था और उसकी हालत जर्जर थी, बावजूद इसके किसी ने इसकी सुध नहीं ली। हादसे के बाद गांव में प्रशासनिक और राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. मौके पर पहुंचे अधिकारी मामले की जांच में जुटे हैं कि क्या इस स्कूल की मरम्मत या निरीक्षण को लेकर कोई प्रक्रिया अपनाई गई थी या नहीं. परिजन अपने बच्चों को खोकर बदहवाश हैं और सरकारी व्यवस्था की लापरवाही पर रोष जाहिर कर रहे हैं. पुलिस, प्रशासन और नेताओं की मौजूदगी के बीच गांव के लोग गुस्से में हैं और लगातार सवाल उठा रहे हैं.
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हादसे पर सियासत तेज, पर किसी ने नहीं ली सुध
हादसे के बाद अब राजनीति भी गर्मा गई है. सत्तारूढ़ बीजेपी और विपक्षी कांग्रेस एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं. लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि किसी ने स्कूल की जर्जर हालत की परवाह नहीं की. शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने अपना भरतपुर दौरा रद्द कर पीपलोदी गांव का रुख किया है. पूरे गांव में मातम पसरा है और लोग अपने बच्चों को खोने के गम में डूबे हुए हैं. हादसा केवल एक संरचना का गिरना नहीं, बल्कि सिस्टम की नाकामी की कड़वी तस्वीर है.