JSSC CGL Exam 2024: झारखंड हाईकोर्ट ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा और इसके आधार पर हुई नियुक्तियों को रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले को निरस्त कर दिया है। अदालत ने सरकार द्वारा उस नोटिफिकेशन को ही रद्द कर दिया है, जिसके जरिए इस परीक्षा को रद्द किया गया था। याचिकाकर्ता के वकील अमृतांश वत्स के अनुसार कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस मामले में प्रकाश कुमार केस के तहत पहले ही डिवीजन बेंच और सुप्रीम कोर्ट के आदेश आ चुके हैं। जिनका पालन करना प्रशासनिक अधिकारियों के लिए अनिवार्य है। अधिकारी इस कानूनी निर्देशों को दरकिनार नहीं कर सकते।
जांच जारी रहेगी
कोर्ट ने साफ किया है कि इस फैसले का असर चल रही जांच पर नहीं पड़ेगा। जांच जारी रहेगी और जो दोषी पाए जाएंगे वे बाहर होंगे और जो निर्दोष हैं, उन्हें नियुक्ति दी जाएगी। कोर्ट ने इसके साथ ही इस मामले का निपटारा कर दिया है।
सरकार के फैसले पर सवाल
JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच के छात्र नेता ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने 17 अगस्त 2024 को परीक्षा रद्द करने का जो फैसला लिया था, उसे अदालत में मजबूती से नहीं रखा गया। सरकार द्वारा बंद लिफाफे और अन्य दावों के नाम पर छात्रों को सिर्फ धोखा मिला है। मास्टर माइंड मिथलेश सिंह अभी भी गिरफ्तार है. सीआईडी की केस डायरी में भी खुलासा हुआ है कि नेपाल में 135 प्रश्न रटवाए गए थे। इसके बावजूद लाखों छात्रों के हित में फैसला नहीं आने की वजह झारखंड सरकार है।
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'स्टूडेंट्स को हताश होने की जरूरत नहीं'
छात्र नेताओं का कहना है कि यह झारखंड के लाखों युवाओं के साथ विश्वासघात है। चूंकि यह सिंगल बेंच का फैसला है, इसलिए छात्र इस आदेश के खिलाफ डबल बेंच में मजबूती से अपनी लड़ाई लड़ेंगे और छात्रों से हताश न होने की अपील की गई है।