JPSC JSSC Protest : झारखंड की राजधानी रांची में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं को लेकर सैकड़ों अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। रवींद्र भवन और जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम के आसपास कई दिनों से धरने पर बैठे छात्र भर्ती व्यवस्था में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। आंदोलन से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अब यह मामला बड़े स्तर पर चर्चा में आ गया है।
'दिल्ली से बड़ा आंदोलन'
प्रदर्शनकारी छात्र अपने आंदोलन की तुलना दिल्ली में हुए NEET-UG पेपर लीक विरोध प्रदर्शन से कर रहे हैं। उनका कहना है कि दिल्ली में एक मंत्री के इस्तीफे की मांग प्रमुख थी, जबकि झारखंड में वे पूरी भर्ती व्यवस्था में बदलाव चाहते हैं। कुछ प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाया कि इतने बड़े आंदोलन के बावजूद उनकी आवाज क्यों नहीं सुनी जा रही और क्या छात्रों की कोई अहमियत नहीं है।
कैमरे पर छलका दर्द
आंदोलन की ग्राउंड रिपोर्टिंग के दौरान कई अभ्यर्थियों ने कैमरे के सामने वर्षों की मेहनत, निराशा और टूटती उम्मीदों के बारे में खुलकर बात की। एक महिला अभ्यर्थी ने प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर सिस्टम पर अपना भरोसा टूटने की बात कही। वहीं एक अन्य छात्रा ने कहा कि उन्हें सोशल मीडिया पर आकर अपना दर्द बताना अच्छा नहीं लगता, लेकिन अपनी आवाज पहुंचाने के लिए वे ऐसा करने को मजबूर हैं।
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क्यों सड़कों पर छात्र?
अभ्यर्थियों का आरोप है कि 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा के नतीजों में कट-ऑफ, मेरिट लिस्ट और OMR शीट को लेकर कई सवाल हैं। इसके अलावा JSSC-CGL सहित दूसरी भर्ती परीक्षाओं में भी पेपर लीक, परीक्षा में देरी और कथित धांधली के आरोप लगते रहे हैं। छात्रों का कहना है कि लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों से मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों का भर्ती व्यवस्था पर भरोसा कमजोर हो रहा है।
छात्रों की क्या मांग?
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थी जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अनिश्चितकालीन सत्याग्रह पर बैठे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में 14वीं JPSC परीक्षा रद्द करना, कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच CBI जैसी केंद्रीय एजेंसी से कराना और भविष्य की भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाना शामिल है। छात्रों का कहना है कि उनका आंदोलन किसी एक परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि वे ऐसी व्यवस्था चाहते हैं जिसमें मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ न हो।