Job crisis in America: न्यूयॉर्क में डिलीवरी कर्मचारियों के अधिकारों को मजबूत करने के लिए डिलीवरी प्रोटेक्शन एक्ट लाने की तैयारी है। इस प्रस्ताव के तहत अमेजन को उन डिलीवरी कर्मचारियों को सीधे नौकरी पर रखना पड़ सकता है, जो अभी दूसरी कंपनियों के जरिए काम करते हैं। इस कानून का मकसद कर्मचारियों को बेहतर कामकाजी माहौल, सुरक्षा और अधिकार देना है। न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी भी इस प्रस्ताव का समर्थन कर रहे हैं।
15 डिलीवरी केंद्र बंद होने से बढ़ सकती है परेशानी
अमेजन का कहना है कि नए कानून के कारण उसे अपने डिलीवरी सिस्टम में बड़े बदलाव करने पड़ सकते हैं। इसी वजह से कंपनी न्यूयॉर्क में अपने 15 डिलीवरी केंद्र बंद करने और अपना काम शहर से बाहर ले जाने पर विचार कर सकती है। ये केंद्र सामान को छांटने और ग्राहकों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाते हैं। अगर ऐसा होता है, तो डिलीवरी कर्मचारियों के साथ इन केंद्रों में काम करने वाले करीब 2,000 अन्य कर्मचारियों की नौकरियों पर भी खतरा आ सकता है।
कर्मचारियों के साथ छोटी कंपनियों पर भी असर
इस मामले में केवल अमेजन के कर्मचारी ही नहीं, बल्कि उसके साथ काम करने वाली छोटी डिलीवरी कंपनियां भी चिंता में हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, न्यूयॉर्क में करीब 40 ऐसी कंपनियां अमेजन के सामान की डिलीवरी का काम संभालती हैं। अगर कंपनी अपना मौजूदा कामकाज बदलती है, तो इन कंपनियों के कारोबार पर भी असर पड़ सकता है। वहीं, नए कानून के समर्थकों का मानना है कि इससे कर्मचारियों को बेहतर वेतन और सुरक्षित माहौल मिल सकता है।
ग्राहकों को भी चुकानी पड़ सकती है कीमत
अगर अमेजन अपने डिलीवरी केंद्र बंद करता है, तो इसका असर ग्राहकों पर भी देखने को मिल सकता है। कंपनी का कहना है कि सामान पहुंचने में ज्यादा समय लग सकता है और डिलीवरी का खर्च बढ़ सकता है। खासकर उसी दिन सामान पहुंचाने वाली सेवा पर असर पड़ने की आशंका है। हालांकि, ये कंपनी की ओर से जताई गई संभावनाएं हैं, अभी किसी बदलाव की पुष्टि नहीं हुई है।
आगे क्या होगा
फिलहाल न्यूयॉर्क के प्रस्तावित कानून पर अंतिम फैसला होना बाकी है। अगर कानून में बदलाव होते हैं या कंपनी और प्रशासन के बीच सहमति बनती है, तो नौकरियों पर मंडरा रहा खतरा कम हो सकता है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि कर्मचारियों के अधिकारों और कंपनी के कारोबार के बीच क्या रास्ता निकलता है।