दिल्ली हाई कोर्ट में कथित शराब घोटाले से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने कुछ प्रतिवादियों के खिलाफ अवमानना कार्रवाई शुरू करने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि उनके और अदालत के खिलाफ बेहद अपमानजनक और दुर्भावनापूर्ण सामग्री पोस्ट की गई है, जिस पर वह चुप नहीं रह सकतीं।
शाम को आदेश सुनाने की घोषणा
सुनवाई के दौरान जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने कहा कि वह पहले मामले में न्याय मित्र यानी एमिकस क्यूरी के नाम घोषित करने वाली थीं। लेकिन सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर उनके खिलाफ की गई टिप्पणियां और आरोप उनके संज्ञान में आए हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में विस्तृत आदेश शाम 5 बजे सुनाया जाएगा।
किन नेताओं का नाम जुड़ा
यह विवाद कथित शराब घोटाले केस से जुड़ा है, जिसमें अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और दुर्गेश पाठक का नाम भी सामने आया है। जानकारी के अनुसार, इन नेताओं की ओर से जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की अदालत में सुनवाई को लेकर आपत्ति जताई गई थी।
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क्या है पूरा मामला
फरवरी में ट्रायल कोर्ट द्वारा 12 आरोपियों को आरोपमुक्त किए जाने के खिलाफ CBI ने हाई कोर्ट का रुख किया था। इसके बाद मामले की सुनवाई जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की अदालत में चल रही थी। इस दौरान कुछ नेताओं और समर्थकों ने जज की निष्पक्षता पर सवाल उठाए और सोशल मीडिया पर भी कई तरह की टिप्पणियां की गईं।
जज पर लगाए गए थे आरोप
अरविंद केजरीवाल की ओर से यह मांग भी उठी थी कि मामले को किसी दूसरी बेंच को ट्रांसफर किया जाए। उन पर हितों के टकराव और पक्षपात जैसे आरोप लगाए गए थे। वहीं अब जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने साफ संकेत दिया है कि अदालत और न्यायपालिका की गरिमा के खिलाफ की गई टिप्पणियों पर कड़ा रुख अपनाया जाएगा।