कानपुर में लैंबोर्गिनी कार से हुए चर्चित हादसे में पुलिस ने मुख्य आरोपी शिवम मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें जल्द ही कोर्ट में पेश किया जाएगा। इस मामले ने उस समय नया मोड़ ले लिया था, जब एक कथित ड्राइवर ने खुद को दोषी बताते हुए कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। लेकिन अदालत ने उसकी अर्जी खारिज कर दी थी।
ड्राइवर के सरेंडर से आया था यूटर्न
बुधवार को मोहन नाम का व्यक्ति अपने वकील के साथ कोर्ट पहुंचा और दावा किया कि हादसे के समय गाड़ी वही चला रहा था। उसने कहा कि शिवम मिश्रा को अचानक दौरा पड़ा था, जिससे वह घबरा गया और नियंत्रण खो बैठा। उसके मुताबिक, हादसे के बाद जब कार का शीशा तोड़ा गया तो वह नीचे से निकलकर भाग गया था।
कोर्ट ने क्यों नहीं माना बयान?
अदालत ने पुलिस रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि केस में नाम शिवम मिश्रा का दर्ज है, न कि मोहन का। इसलिए ड्राइवर की सरेंडर अर्जी स्वीकार नहीं की गई। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक जांच पूरी नहीं होती, कार थाने में ही रहेगी। इस फैसले के बाद मामला फिर से चर्चा में आ गया।
कैसे हुआ था हादसा?
यह दुर्घटना रविवार को रिंग रोड चौराहे के पास हुई थी। बताया जा रहा है कि एक तेज रफ्तार लैंबोर्गिनी कार अचानक नियंत्रण से बाहर हो गई। पहले उसने एक ऑटो रिक्शा और खड़ी बाइक को टक्कर मारी, फिर फुटपाथ पर चढ़ गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बाइक सवार कई फीट दूर जा गिरे।
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घायलों की हालत और आरोप
इस हादसे में ऑटो चालक तौसीफ अहमद और दो अन्य युवक घायल हुए। लोगों का आरोप है कि कार बाइक के आगे के पहिये पर चढ़ गई और कुछ दूरी तक उसे घसीटती रही। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोगों ने शीशा तोड़कर कार का दरवाजा खोला।
अब आगे क्या होगा?
शिवम मिश्रा की गिरफ्तारी के बाद पुलिस जांच तेज हो गई है। अब कोर्ट में पेशी के दौरान यह साफ होगा कि आगे की कानूनी प्रक्रिया क्या होगी। फिलहाल, शहर में इस हाई-प्रोफाइल केस को लेकर चर्चा जारी है और सभी की नजर अदालत के अगले फैसले पर टिकी है।