
8 अक्टूबर की रात कानपुर शहर का मिश्री बाजार इलाका जोरदार धमाके से दहल उठा. भीड़भाड़ वाले इस बाजार में अचानक दो स्कूटियों में विस्फोट हुआ, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई. चश्मदीदों ने बताया कि पहले लगा जैसे कोई बड़ा हादसा हुआ हो, जमीन तक हिल गई. इस हादसे में कई लोग घायल हुए, जिनमें से कुछ को लखनऊ भेजा गया है. सबसे चौंकाने वाली बात ये रही कि ये दोनों स्कूटी मरकज मस्जिद के पास खड़ी थीं, जिससे प्रशासन तुरंत सतर्क हो गया. पुलिस, फॉरेंसिक टीम और ATS ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी. दीवाली से पहले इस घटना ने सरकार को अलर्ट मोड पर ला दिया है.
योगी सरकार का एक्शन
घटना की खबर मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तुरंत मुख्य सचिव और DGP से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है, चर्चा है कि सीएम ने अधिकारियों को आदेश दिया कि पूरे प्रदेश में सुरक्षा सख्त की जाए और किसी भी अफवाह को फैलने से रोका जाए. उन्होंने ये भी निर्देश दिया कि धार्मिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में विशेष निगरानी रखी जाए. खबर है कि जिस इलाके में ये धमाका हुआ, वहां अवैध पटाखों का कारोबार चल रहा था. अब सरकार ने ऐसे सभी गोदामों और दुकानों पर नज़रें गड़ा दी हैं.
पुलिस कमिश्नर का बयान- अवैध पटाखे बनी वजह
घटना के बाद पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने मौके का निरीक्षण किया और बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि ये कोई साजिश नहीं बल्कि अवैध पटाखों की लापरवाही का नतीजा है. पुलिस को स्कूटियों से पटाखों और कम तीव्रता वाले विस्फोटक पदार्थों के अवशेष मिले हैं. भीड़भाड़ वाले बाजार में इस तरह का सामान रखना गंभीर गलती मानी गई है. इसी वजह से थानाध्यक्ष समेत पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है. कमिश्नर ने कहा जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा, उस पर सख्त कार्रवाई तय है.
इसे भी पढ़ें : UP Crime News: मेरठ में फौजी ने बहू पर किया हमला, थाने पहुंच बोला – “मैंने अपनी बहू को मार डाला, मुझे गिरफ्तार करो”
ATS की एंट्री, 10 हिरासत में
भले ही पुलिस ने इसे लापरवाही बताया हो, लेकिन सरकार कोई रिस्क नहीं ले रही. ATS, लोकल इंटेलिजेंस यूनिट (LIU) और मिलिट्री इंटेलिजेंस (MI) की टीमें मौके पर पहुंच गई हैं. अब तक 10 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ चल रही है। पुलिस ने इलाके के CCTV फुटेज जब्त किए हैं और मेस्टन रोड से चौक तक कांबिंग ऑपरेशन चलाया है. NIA को भी प्रारंभिक रिपोर्ट भेजी गई है. सरकार ने पूरे प्रदेश में पटाखा गोदामों और दुकानों की जांच शुरू कर दी है, ताकि त्योहारों से पहले किसी भी तरह की लापरवाही दोबारा न हो.