यूपी के कानपुर जिले में दीपक सुसाइड केस ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना पनकी थाना क्षेत्र के रतनपुर इलाके की है, जहां दीपक ने घर में फांसी लगाकर जान दे दी। आत्महत्या के 48 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। इस देरी से परिजनों और स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। परिवार का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए, वरना उन्हें न्याय नहीं मिलेगा।
आखिरी वीडियो में लगाए गंभीर आरोप
आत्महत्या से पहले दीपक ने एक वीडियो बनाया था, जो बाद में उसके सोशल मीडिया अकाउंट पर मिला। वीडियो में वह खुद को बेहद परेशान बताते हुए कहता है कि उस पर जबरन धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया जा रहा था। उसने अपना नाम दीपक सिंह गौर बताते हुए कहा कि वह मानसिक तनाव में है और इसी वजह से अपनी जान दे रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद मामला और संवेदनशील हो गया है। परिवार का कहना है कि यह वीडियो पूरे मामले की कड़ी है और इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।
शरीर पर चोटों के निशान, परिजनों का दावा
परिजनों का आरोप है कि दीपक के साथ मारपीट भी की गई थी। उसके शरीर पर चोटों के निशान थे, जो संदेह को और गहरा करते हैं। मृतक की बहन के मुताबिक, 26 जनवरी को दीपक लखनऊ गया था, जहां उसने अपनी छोटी बहन को कुछ परेशान करने वाली बातें बताईं। अगले दिन जब वह घर लौटा, तो उसने कहा कि ट्रेन में कुछ लोग उसके पीछे पड़ गए थे और उसे धर्म परिवर्तन के लिए दबाव में लेकर एक मजार तक ले जाया गया। वहां उसके साथ मारपीट हुई थी। इन आरोपों से परिवार को बड़ा नुकसान और सदमा झेलना पड़ा है।
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सड़क जाम, पुलिस जांच पर उठे सवाल
घटना के बाद गुस्साए लोगों ने रतनपुर इलाके में सड़क जाम कर दी और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो ऐसे मामलों में भरोसा टूट जाएगा। पुलिस का कहना है कि वह वीडियो और सभी पहलुओं की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और डिजिटल सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, परिजन लगातार मांग कर रहे हैं कि दोषियों को जल्द पकड़ा जाए, क्योंकि देरी से न सिर्फ परिवार को मानसिक नुकसान हो रहा है, बल्कि इलाके में तनाव भी बढ़ रहा है।