कनाडा में कॉमेडियन कपिल शर्मा के कैफे पर हुई लगातार फायरिंग की गुत्थी एक बड़ी कार्रवाई के बाद सुलझती दिख रही है। दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने इस पूरे मामले के मुख्य साजिशकर्ता बंधु मान सिंह सेखों को पंजाब से गिरफ्तार कर लिया है। सेखों लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़–गोल्डी ढिल्लन गैंग का सक्रिय सदस्य बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार कैफे पर जुलाई, अगस्त और अक्टूबर 2024 में तीन बार हुई फायरिंग के पीछे सेखों ने ही लॉजिस्टिक सपोर्ट, हथियार और वाहन उपलब्ध कराए थे। गिरफ्तारी के दौरान उससे अत्याधुनिक विदेशी हथियार भी बरामद हुए हैं, जिनके बारे में एजेंसी अब अलग से जांच कर रही है।
विदेश में बैठे गैंगस्टरों के संपर्क में
जांच में सामने आया है कि सेखों का नेटवर्क बेहद मजबूत और संगठित था। वह विदेश में बैठे गैंगस्टरों के संपर्क में रहता था और ड्रोन व दूसरे गुप्त रास्तों से हथियार भारत तक पहुंचाने में मदद करता था। क्राइम ब्रांच की टीम उसके मोबाइल, संपर्क सूत्रों और हथियारों की सप्लाई चेन की गहराई से जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि कपिल शर्मा के कनाडा स्थित कैफे पर हमला सिर्फ डर फैलाने और रंगदारी वसूली की कोशिश थी। गैंग ने दावा किया था कि कपिल शर्मा सलमान खान को अपने शो में बुलाते हैं और गैंग के फोन नहीं उठाते, इसलिए “ट्रेलर” दिखाने के लिए फायरिंग की गई।
शूटरों को कार, हथियार, गोला-बारूद का सपोर्ट
गिरफ्तार सेखों ने जांच में माना कि उसने शूटरों को कार, हथियार, गोला-बारूद और पूरा सपोर्ट दिया था। दो बार फायरिंग के बाद गैंग ने तीसरी बार भी हमला करवाया, जिससे कैफे को भारी नुकसान हुआ और कई दिनों तक बंद रखना पड़ा। हमले में भले ही कोई घायल नहीं हुआ, लेकिन विदेश में बैठे अपराधियों ने इसे पब्लिसिटी और दबदबा बनाने के लिए खूब इस्तेमाल किया। पुलिस अधिकारी कहते हैं कि यह सिर्फ एक फायरिंग नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय क्राइम नेटवर्क को मजबूत करने की बड़ी कोशिश थी।
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दिल्ली पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां एक्शन में
सेखों की गिरफ्तारी के बाद अब दिल्ली पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हथियारों की सप्लाई किस रूट से आ रही थी और भारत में उसके कितने और सहयोगी सक्रिय हैं। कई बड़े नामों के सामने आने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस इसे एक सिंडिकेट लेवल का नेटवर्क मानकर जांच आगे बढ़ा रही है। एजेंसियों के अनुसार आने वाले दिनों में कई और गैंगस्टर और सप्लायरों की गिरफ्तारी संभव है, जिससे पूरे लॉरेंस–गोल्डी गिरोह के ऑपरेशन पर बड़ा असर पड़ सकता है।