हर साल करोड़ों लोगों को इनकम टैक्स रिटर्न यानी आईटीआर फाइल करना पड़ता है। लेकिन बदलते नियमों और जटिल प्रक्रिया की वजह से कई लोग खुद रिटर्न भरने में परेशानी महसूस करते हैं। ऐसे में उन्हें टैक्स एक्सपर्ट की मदद लेनी पड़ती है और इसके लिए अलग से फीस भी देनी होती है। अब इनकम टैक्स विभाग ने टैक्सपेयर्स की इसी परेशानी को दूर करने के लिए नया एआई चैटबॉट ‘कर साथी’ लॉन्च किया है, जो टैक्स फाइलिंग को काफी आसान बनाने वाला है।
क्या करेगा कर साथी
इनकम टैक्स विभाग का यह नया एआई चैटबॉट टैक्स से जुड़े लगभग हर सवाल का जवाब देगा। आईटीआर फाइल करते समय कौन सा फॉर्म भरना है, कौन सी जानकारी जरूरी है और किन दस्तावेजों की जरूरत पड़ेगी, इसकी पूरी जानकारी यह चैटबॉट देगा। इसके अलावा 80C, 80D और दूसरे टैक्स डिडक्शन सेक्शन के तहत कितनी छूट मिल सकती है, यह भी आसान भाषा में समझाएगा। इससे टैक्सपेयर्स को अलग-अलग वेबसाइट और दस्तावेज खंगालने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
रिफंड की भी जानकारी
अगर किसी टैक्सपेयर्स का टैक्स रिफंड अटका हुआ है तो ‘कर साथी’ उसकी स्थिति भी बताएगा। इसके साथ ही पैन और आधार लिंक करने की प्रक्रिया को भी आसान तरीके से समझाएगा। विभाग के मुताबिक यह चैटबॉट चौबीसों घंटे उपलब्ध रहेगा। यानी दिन हो या रात, टैक्सपेयर्स किसी भी समय अपनी समस्या का समाधान पा सकेंगे। यह चैटबॉट स्टेप बाय स्टेप गाइडेंस देता है, जिससे रिटर्न भरते समय गलती होने की संभावना भी काफी कम हो जाती है।
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कैसे करें इस्तेमाल
‘कर साथी’ का इस्तेमाल करना बेहद आसान है। इसके लिए सबसे पहले इनकम टैक्स विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। वेबसाइट के होमपेज पर नीचे दाईं तरफ चैट विंडो या ‘कर साथी’ का आइकॉन दिखाई देगा। वहां क्लिक करके यूजर अपने सवाल टाइप कर सकते हैं। चैटबॉट तुरंत जवाब देगा और जरूरत पड़ने पर आगे की प्रक्रिया भी समझाएगा। विभाग का मानना है कि इससे पहली बार आईटीआर भरने वाले लोगों को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा।
डिजिटल सिस्टम पर जोर
इनकम टैक्स विभाग लगातार अपनी सेवाओं को डिजिटल और आसान बनाने की कोशिश कर रहा है। ‘कर साथी’ उसी दिशा में उठाया गया बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे न सिर्फ टैक्सपेयर्स का समय बचेगा बल्कि टैक्स फाइलिंग प्रक्रिया भी पहले से ज्यादा पारदर्शी और सरल होगी। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में एआई आधारित ऐसे सिस्टम टैक्स व्यवस्था को और तेज और सुविधाजनक बना सकते हैं। फिलहाल ‘कर साथी’ को टैक्सपेयर्स के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है।