जयपुर की पिच पर जो नजारा दिखा वह किसी बुरे सपने से कम नहीं था। सरफराज खान और उनके छोटे भाई मुशीर खान ने मिलकर गोवा के गेंदबाजों की पूरी रणनीति तहस नहस कर दी। चौके छक्कों की बरसात ऐसी हुई कि कप्तान फील्ड बदलते रह गए लेकिन हालात नहीं बदले। दोनों भाइयों की बल्लेबाजी ने यह साफ कर दिया कि जब खान ब्रदर्स क्रीज पर टिक जाते हैं तो मुकाबला एकतरफा हो जाता है। दर्शकों के लिए यह मनोरंजन था लेकिन गेंदबाजों के लिए डर।
सरफराज का तूफानी शतक बना चर्चा का केंद्र
टीम इंडिया से बाहर चल रहे सरफराज खान ने इस मैच को अपने नाम कर लिया। उन्होंने सिर्फ 56 गेंदों में शतक ठोक दिया और 75 गेंदों में 157 रन बनाकर आउट हुए। इस पारी में उनके बल्ले से 9 चौके और 14 छक्के निकले। 209 से ज्यादा की स्ट्राइक रेट ने गोवा के गेंदबाजों को पूरी तरह तोड़ दिया। दर्शन मिसल और ललित यादव की गेंदों पर सरफराज ने ऐसा कहर बरपाया जिसे शायद गोवा की टीम लंबे समय तक नहीं भूलेगी।
मुशीर खान ने दिया मजबूत साथ
इस विस्फोटक पारी में मुशीर खान की भूमिका भी बेहद अहम रही। उन्होंने 66 गेंदों में 60 रन बनाए और बड़े भाई का पूरा साथ निभाया। एक छोर से सरफराज रन बरसा रहे थे तो दूसरे छोर से मुशीर टिककर दबाव बढ़ा रहे थे। दोनों के बीच बनी साझेदारी ने गोवा के गेंदबाजों की लाइन लेंथ पूरी तरह बिगाड़ दी। यही वजह रही कि मैच जल्दी ही मुंबई के पक्ष में झुक गया और गोवा वापसी का रास्ता तलाशता रह गया।
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मुंबई का 444 रन और सलेक्टर्स को संदेश
सरफराज और मुशीर की जोड़ी के बाद हार्दिक तमोरे की तेज पारी ने स्कोर को और विशाल बना दिया। मुंबई ने 50 ओवर में 444 रन का पहाड़ खड़ा किया। यह पारी सिर्फ एक मैच की कहानी नहीं थी बल्कि सलेक्टर्स के लिए साफ संदेश भी थी। सरफराज खान लगातार घरेलू क्रिकेट में रन बना रहे हैं और आईपीएल 2026 में चेन्नई सुपरकिंग्स के लिए खेलने को तैयार हैं। जिस फॉर्म में वह नजर आ रहे हैं उसे देखकर फैंस भी यही कह रहे हैं कि खान ब्रदर्स का यह तूफान अभी थमने वाला नहीं है।