Gujarat statement: मल्लिकार्जुन खरगे ने गुजरात को लेकर दिए अपने विवादित बयान पर खेद जताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी की भावनाओं को आहत करना नहीं था, बल्कि उनकी बातों को जानबूझकर गलत तरीके से पेश किया गया। उनका यह बयान राजनीतिक विवाद बढ़ने के बाद सामने आया है।
जताया सम्मान
नई दिल्ली में जारी अपने बयान में खरगे ने कहा कि गुजरात के लोगों के प्रति उनके मन में हमेशा सम्मान रहा है और आगे भी रहेगा। उन्होंने कहा कि केरल में दिए गए उनके चुनावी भाषण के कुछ हिस्सों को संदर्भ से हटाकर पेश किया गया, जिससे गलतफहमी पैदा हुई।
केरल रैली से शुरू हुआ विवाद
यह विवाद तब शुरू हुआ जब खरगे ने इडुक्की में एक रैली के दौरान कहा था कि केरल के लोग पढ़े-लिखे और जागरूक हैं, जबकि गुजरात और कुछ अन्य क्षेत्रों के लोगों को आसानी से गुमराह किया जा सकता है। इस बयान को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया और विरोधी दलों ने इसे अपमानजनक बताया।
Some remarks of mine in a recent election speech in Kerala are being deliberately misinterpreted. Even so, I express my sincere regret. It was never my intention to hurt the sentiments of the people of Gujarat for whom I have always had and will continue to have the highest of…
— Mallikarjun Kharge (@kharge) April 8, 2026
बीजेपी ने साधा निशाना
खरगे के बयान पर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि यह टिप्पणी राज्य के लोगों का अपमान है। उन्होंने यह भी कहा कि गुजरात ने देश को महात्मा गांधी, सरदार वल्लभभाई पटेल और नरेंद्र मोदी जैसे महान नेता दिए हैं।
राजनीतिक बयानबाजी
बीजेपी ने कांग्रेस पर राजनीतिक हताशा में ऐसे बयान देने का आरोप लगाया और कहा कि जनता इसे नजरअंदाज नहीं करेगी। वहीं खरगे के खेद जताने के बाद भी यह मुद्दा राजनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ है, खासकर चुनावी माहौल में इसका असर देखने को मिल सकता है।