इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष को 20 दिन हो चुके हैं और इसका असर अब एलपीजी सप्लाई पर साफ दिखने लगा है। होर्मूज जलडमरूमध्य से बहुत कम जहाज गुजर पाए हैं, जिससे गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है। यही वजह है कि भारत समेत कई देशों में एलपीजी को लेकर चिंता बढ़ गई है।
सरकार ने मानी स्थिति गंभीर
पेट्रोलियम मंत्रालय ने साफ कहा है कि एलपीजी की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। सरकार लगातार सप्लाई बनाए रखने की कोशिश कर रही है, लेकिन हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हैं। लोगों से अपील की गई है कि घबराकर ज्यादा गैस बुकिंग न करें और जरूरत के हिसाब से ही सिलेंडर लें।
घरों तक सप्लाई जारी रखने की कोशिश
सरकार का दावा है कि घरेलू उपभोक्ताओं तक एलपीजी की सप्लाई जारी है और इसे प्राथमिकता दी जा रही है। हालांकि, पैनिक बुकिंग पहले के मुकाबले कम हुई है, जिससे थोड़ी राहत जरूर मिली है। फिर भी लोगों को सतर्क रहने और अफवाहों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
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वैकल्पिक ईंधन अपनाने की सलाह
सरकार ने लोगों से यह भी कहा है कि वे जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक ईंधन विकल्पों पर विचार करें। मौजूदा हालात को देखते हुए सिर्फ एक ही स्रोत पर निर्भर रहना जोखिम भरा हो सकता है। इसलिए घरों में अन्य विकल्प तैयार रखने की सलाह दी जा रही है।
कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई शुरू
एलपीजी की कमी के बीच कालाबाजारी और जमाखोरी को रोकने के लिए सरकार ने सख्ती बढ़ा दी है। कई राज्यों में हजारों छापेमारी की गई हैं ताकि गैस सही तरीके से आम लोगों तक पहुंचे। इसका मकसद यह है कि कोई भी व्यक्ति जरूरत से ज्यादा गैस जमा न कर सके।
तनाव के बीच बढ़ी चिंता और सतर्कता
खाड़ी क्षेत्र में हालात अभी भी तनावपूर्ण बने हुए हैं, हालांकि भारतीय नागरिकों और जहाजों को सुरक्षित बताया गया है। इसके बावजूद हालिया घटनाओं में कुछ भारतीयों की मौत की खबर ने चिंता बढ़ा दी है। सरकार लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है और हालात को संभालने की कोशिश कर रही है।