एलपीजी उपभोक्ताओं के बीच eKYC को लेकर काफी समय से भ्रम बना हुआ था। अब सरकार ने साफ कर दिया है कि यह कोई नया नियम नहीं है। यह पहले से चल रही प्रक्रिया का ही हिस्सा है। इसका मकसद सिर्फ उन लोगों को eKYC पूरा कराने के लिए प्रोत्साहित करना है, जिनका वेरिफिकेशन अभी तक नहीं हुआ है।
किन लोगों के लिए जरूरी है यह प्रक्रिया
सरकार के अनुसार eKYC सिर्फ उन्हीं ग्राहकों के लिए जरूरी है, जिन्होंने अभी तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है। अगर आपने पहले ही eKYC करा लिया है, तो आपको दोबारा करने की जरूरत नहीं है। यानी आम उपभोक्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं है और यह नियम सभी पर लागू नहीं होता।
उज्ज्वला योजना वाले ग्राहकों के लिए अलग नियम
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से जुड़े उपभोक्ताओं के लिए नियम थोड़ा अलग है। उन्हें हर वित्त वर्ष में एक बार eKYC करना जरूरी होता है। यह भी तब जरूरी होता है जब वे सब्सिडी का लाभ लेना चाहते हैं। इससे यह सुनिश्चित होता है कि सही लोगों तक सरकारी मदद पहुंचे।
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क्या eKYC न कराने से गैस बंद होगी
इसको लेकर भी लोगों में डर था कि अगर eKYC नहीं कराया तो गैस बंद हो जाएगी। लेकिन सरकार ने साफ कहा है कि ऐसा नहीं होगा। गैस सप्लाई पर इसका सीधा असर नहीं पड़ेगा। हालांकि, सब्सिडी मिलने में परेशानी आ सकती है, इसलिए जिनका eKYC बाकी है, उन्हें इसे समय पर पूरा कर लेना चाहिए।
घर बैठे ऐसे पूरा करें eKYC
सरकार ने प्रक्रिया को काफी आसान बना दिया है। आप अपने मोबाइल से ही यह काम कर सकते हैं। इसके लिए गैस कंपनी का ऐप डाउनलोड करें, लॉगिन करें और eKYC विकल्प चुनें। फिर आधार नंबर डालकर फेस ऑथेंटिकेशन पूरा करें। कुछ ही मिनट में आपकी प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
इस प्रक्रिया से क्या होगा फायदा
eKYC से सिस्टम में पारदर्शिता बढ़ती है और फर्जी कनेक्शन की पहचान आसान होती है। इससे सही उपभोक्ताओं तक सब्सिडी पहुंचती है और गैस के गलत इस्तेमाल पर रोक लगती है। कुल मिलाकर यह कदम उपभोक्ताओं की सुविधा और सुरक्षा दोनों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।