देश में एलपीजी को लेकर बढ़ती चिंता के बीच सरकार ने फिर से स्थिति साफ की है। अधिकारियों का कहना है कि देश में गैस की कोई वास्तविक कमी नहीं है। तेल मंत्रालय की ओर से बताया गया कि हाल के दिनों में एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग जरूर बढ़ी है, लेकिन इसका कारण घबराहट है। लोगों को लग रहा है कि आगे सप्लाई में दिक्कत आ सकती है, इसलिए वे जल्दी-जल्दी सिलेंडर बुक करा रहे हैं।
अफवाहों के कारण बढ़ी पैनिक बुकिंग
अधिकारियों के अनुसार गैस की बढ़ती बुकिंग असली कमी का संकेत नहीं है। कई उपभोक्ता संभावित संकट की खबरें सुनकर पहले से सिलेंडर सुरक्षित करने की कोशिश कर रहे हैं। इसी वजह से अचानक मांग बढ़ती दिखाई दे रही है। सरकार का कहना है कि सप्लाई सामान्य है और उपभोक्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं है।
राज्यों को अतिरिक्त केरोसिन भी दिया गया
सरकार ने यह भी बताया कि स्थिति को संतुलित रखने के लिए राज्यों को अतिरिक्त केरोसिन उपलब्ध कराया गया है। करीब 40 हजार किलोलीटर अतिरिक्त केरोसिन दिया गया है ताकि जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक व्यवस्था भी बनी रहे। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम एहतियात के तौर पर उठाया गया है ताकि लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो।
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आयात पर निर्भर है भारत की एलपीजी जरूरत
भारत अपनी कुल एलपीजी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है। अनुमान के अनुसार देश करीब 60 प्रतिशत एलपीजी बाहर से मंगाता है। इसमें से लगभग 90 प्रतिशत आपूर्ति हॉर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते आती है। इसी कारण मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव को लेकर लोगों में चिंता बढ़ गई है।
सरकार ने फिर दिया भरोसा
पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी संसद में साफ कहा कि देश में ईंधन की आपूर्ति सुरक्षित है। उन्होंने बताया कि पेट्रोल, डीजल और केरोसिन की पर्याप्त मात्रा मौजूद है। सभी पेट्रोल पंपों और वितरण केंद्रों पर पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और सप्लाई चेन सामान्य तरीके से काम कर रही है।
लोगों से घबराने की जरूरत नहीं
सरकार और तेल कंपनियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें। अधिकारियों का कहना है कि देश में ईंधन की सप्लाई लगातार जारी है और किसी तरह की कमी की स्थिति नहीं है। इसलिए लोगों को जरूरत से ज्यादा बुकिंग या जमा करने से बचना चाहिए और सामान्य तरीके से ही गैस का उपयोग करना चाहिए।