जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में फैले एक बड़े आतंकी नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है। सुरक्षा एजेंसियों ने लखनऊ की रहने वाली महिला डॉक्टर शाहीन को गिरफ्तार किया है, जिसकी कार से AK-47 राइफल बरामद की गई। शाहीन के साथ कुल आठ लोगों को पकड़ा गया है, जिनमें कश्मीर के डॉक्टर मुजम्मिल गनई भी शामिल हैं, जिन्हें फरीदाबाद से हिरासत में लिया गया। सूत्रों के अनुसार, यह पूरा मॉड्यूल जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवत-उल-हिंद जैसे संगठनों से जुड़ा था।
2900 किलो विस्फोटक और हथियार बरामद
गिरफ्तारियों के बाद जांच एजेंसियों ने जम्मू-कश्मीर और हरियाणा के कई ठिकानों पर छापे मारकर लगभग 2900 किलो IED सामग्री और भारी मात्रा में हथियार बरामद किए। फरीदाबाद के एक फ्लैट से पुलिस को एक असॉल्ट राइफल, तीन मैगजीन, 83 जिंदा कारतूस, पिस्तौल, टाइमर, बैटरियां, रिमोट डिवाइस और लगभग 360 किलो अमोनियम नाइट्रेट मिला। अधिकारियों का कहना है कि यह सारा सामान बड़े पैमाने पर आतंकी हमलों के लिए तैयार किया गया था।
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डॉक्टरों की गिरफ्तारी से खुला आतंकी जाल
इस आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश पुलवामा के डॉक्टर आदिल अहमद राथर की गिरफ्तारी के बाद हुआ, जिनसे पूछताछ में अहम सुराग मिले। उनकी जानकारी के आधार पर जांच टीम फरीदाबाद के डॉक्टर मुजम्मिल गनई तक पहुंची, जो अल-फलाह यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर था। मुजम्मिल के किराए के घर से भारी विस्फोटक सामग्री बरामद हुई। एजेंसियों का कहना है कि यह नेटवर्क शिक्षित और पेशेवर लोगों से बना “व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल” था, जिसका मकसद देश के भीतर बड़े आतंकी हमले की साजिश रचना था।