New Waqf Board Announced: मध्यप्रदेश सरकार ने संशोधित वक्फ कानून के तहत राज्य वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन कर नया बोर्ड गठित किया है। नए 10 सदस्यीय बोर्ड में पहली बार दो गैर-मुस्लिम सदस्यों को शामिल किया गया है। सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार इंदौर के मनोज मालपानी और गुना के अनिमेष भार्गव को बोर्ड का सदस्य नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही मध्यप्रदेश संशोधित प्रावधानों के तहत नया वक्फ बोर्ड गठित करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।
नए कानून के तहत हुआ बोर्ड का पुनर्गठन
मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर राज्य सरकार ने वक्फ अधिनियम, 1995 के संशोधित प्रावधानों के अनुसार नए वक्फ बोर्ड का गठन किया है। सरकार द्वारा जारी राजपत्र अधिसूचना में बोर्ड के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति की जानकारी दी गई है। नए बोर्ड के गठन को संशोधित कानून के क्रियान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
पहली बार दो गैर-मुस्लिम सदस्य शामिल
पुनर्गठित वक्फ बोर्ड में पहली बार दो गैर-मुस्लिम सदस्यों को स्थान दिया गया है। इंदौर के मनोज मालपानी और गुना के अनिमेष भार्गव को बोर्ड का सदस्य बनाया गया है। इसके अलावा बोर्ड में विधायक आतिफ अकील, फैजान खान, नजमा हेपतुल्ला, शाइस्ता सुल्तान, बहन फातेमा चौधरी, शबाना खान तथा पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के आयुक्त को भी सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। कुल मिलाकर बोर्ड में 10 सदस्य होंगे।
सनवर पटेल बने बोर्ड के अध्यक्ष
राज्य सरकार की अधिसूचना के अनुसार सनवर पटेल को मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वह इससे पहले भी बोर्ड की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। वहीं, नजमा हेपतुल्ला का कार्यकाल पूर्व नियुक्ति के अनुसार जारी रहेगा। उनका कार्यकाल वर्ष 2028 तक होने के कारण उन्हें नए बोर्ड में भी सदस्य के रूप में शामिल रखा गया है।
देश का पहला राज्य बनने का दावा
मध्यप्रदेश सरकार का कहना है कि संशोधित वक्फ कानून, 2025 के प्रावधानों के तहत नया वक्फ बोर्ड गठित करने वाला यह देश का पहला राज्य है। नए बोर्ड में दो गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति को भी एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है। सरकार के अनुसार, नए प्रावधानों के अनुरूप गठित यह बोर्ड वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और प्रशासनिक कार्यों को आगे बढ़ाने का दायित्व निभाएगा।