प्रयागराज में चल रहे माघ मेले के दौरान आग की घटनाएं लगातार चिंता बढ़ा रही हैं। पुरानी रेलवे लाइन के पास बने कैंप में 48 घंटे के भीतर तीसरी बार आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। श्रद्धालु और कल्पवासी दहशत में आ गए। हर बार आग तेजी से फैल रही है, जिससे मेले की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
टेंट में सो रहे युवक की दर्दनाक मौत
गुरुवार रात करीब साढ़े नौ बजे सेक्टर-5 में आग भड़की। इस हादसे में मुजफ्फरनगर के डीएम उमेश मिश्रा के रिश्ते में भतीजे मानस मिश्रा की मौत हो गई। 22 साल का मानस टेंट में सो रहा था और आग की चपेट में आ गया। आग इतनी तेजी से फैली कि वह बाहर नहीं निकल सका और बुरी तरह झुलस गया।
अस्पताल में इलाज के दौरान तोड़ा दम
झुलसे मानस को तुरंत एसआरएन अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे बचाने की कोशिश की। बताया गया कि वह करीब 90 फीसदी तक झुलस चुका था। करीब दो से तीन घंटे चले इलाज के बाद उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद परिवार और मेले में मौजूद लोगों में शोक और गुस्से का माहौल है।
ये भी पढ़ें : Rajasthan का ये शहर बना बर्फिस्तान, माइनस 3 डिग्री में जमी धरती, ठंड ने थाम दी लोगों की रफ्तार
आग लगते ही मचा हड़कंप
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। कई दमकल गाड़ियों की मदद से आग पर काबू पाया गया। राहत की बात यह रही कि आसपास के अन्य टेंट समय रहते बचा लिए गए। हालांकि तब तक कैंप में रखा सारा सामान जलकर राख हो चुका था।
अखंड ज्योति से आग की आशंका
प्रशासन की शुरुआती जांच में आग लगने की वजह टेंट में जल रही अखंड ज्योति मानी जा रही है। आशंका है कि सोते समय किसी कारण से आग भड़क गई और देखते ही देखते पूरे टेंट को अपनी चपेट में ले लिया। हालांकि प्रशासन का कहना है कि आग के सही कारणों की जांच की जा रही है।
श्रद्धालुओं में बढ़ती चिंता
कैंप में ठहरे लोगों ने बताया कि पुलिस द्वारा दरवाजा तोड़े जाने पर उनकी नींद खुली और बाहर निकलते ही आग की तेज लपटें दिखाई दीं। समय रहते बाहर निकल जाने से कई लोगों की जान बच गई। लेकिन लगातार हो रही आग की घटनाओं से माघ मेले की सुरक्षा को लेकर श्रद्धालुओं में डर और चिंता बढ़ती जा रही है।