Mahakal Sawari 2026: विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर से सावन-भाद्रपद में निकलने वाली बाबा महाकाल की सवारी इस बार एक खास बदलाव के साथ आगे बढ़ रही है। सावन के दूसरे सोमवार यानी **10 अगस्त** को निकलने वाली बाबा महाकाल की दूसरी सवारी में इस बार हाथी श्यामू नजर नहीं आएगा। स्वास्थ्य ठीक नहीं होने के चलते श्यामू को यात्रा से अलग रखा गया है। श्यामू की जगह अब सुमा हथिनी बाबा महाकाल की सवारी में शामिल होगी। वन विभाग, पशु चिकित्सा विभाग और मंदिर प्रबंधन की निगरानी में सुमा को इस धार्मिक आयोजन के लिए तैयार किया गया है। करीब साढ़े चार दशक से चली आ रही हाथी परिवार की सेवा परंपरा में यह पहला बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
1980 से चली आ रही थी हाथियों की सेवा
बाबा महाकाल की सवारी में एक ही परिवार के हाथियों के शामिल होने की परंपरा वर्ष 1980 से चली आ रही है। उस समय हाथी मालिक सरमन गिरि के परिवार की हथिनी रामू ने बाबा की सवारी में हिस्सा लेना शुरू किया था। रामू ने करीब 36 वर्षों तक इस धार्मिक यात्रा में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। वर्ष 2016 में रामू के निधन के बाद उसके बेटे श्यामू ने यह जिम्मेदारी संभाली और लगातार बाबा महाकाल की सवारी का हिस्सा बनता रहा। अब श्यामू की तबीयत खराब होने के कारण पहली बार इस परिवार से अलग किसी हथिनी को सवारी में शामिल किया गया है। इस तरह 46 साल से चली आ रही परंपरा में बदलाव हुआ है।
सुमा के लिए खास होगी बाबा की सवारी
श्यामू के स्वास्थ्य को देखते हुए इस बार उसकी जगह सुमा हथिनी को चुना गया है। धार्मिक यात्रा के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए संबंधित विभागों और मंदिर समिति की ओर से उसकी तैयारियों पर विशेष ध्यान दिया गया है। सुमा के शामिल होने से बाबा महाकाल की दूसरी सवारी इस बार पहले की तुलना में अलग नजर आएगी। श्रद्धालुओं के लिए भी यह बदलाव आकर्षण का केंद्र रहने वाला है।
क्यों निकलती है बाबा महाकाल की सवारी?
धार्मिक मान्यता के अनुसार, सावन और भाद्रपद के सोमवार को भगवान महाकाल अपनी नगरी का भ्रमण करते हैं। इस दौरान बाबा अलग-अलग स्वरूपों में नगरवासियों को दर्शन देते हैं। महाकाल की सवारी उज्जैन की धार्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसे देखने के लिए देशभर से श्रद्धालु पहुंचते हैं।
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इस बार कब-कब निकलेगी बाबा महाकाल की सवारी?
* पहली सवारी: 3 अगस्त 2026 — सावन का पहला सोमवार
* दूसरी सवारी: 10 अगस्त 2026 — सावन का दूसरा सोमवार
* तीसरी सवारी: 17 अगस्त 2026 — सावन का तीसरा सोमवार
* चौथी सवारी: 24 अगस्त 2026 — सावन का चौथा सोमवार
* पांचवीं सवारी: 31 अगस्त 2026 — भाद्रपद का पहला सोमवार
* अंतिम शाही सवारी: 7 सितंबर 2026 — भाद्रपद का दूसरा सोमवार
महाकाल की अंतिम शाही सवारी को सबसे भव्य माना जाता है। इस दौरान उज्जैन की सड़कों पर आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिलता है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा के दर्शन के लिए उमड़ते हैं।