Al-Falah University: फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी पर बड़ी कार्रवाई करते हुए अखिल भारतीय विश्वविद्यालय संघ (AIU) ने उसकी सदस्यता रद्द कर दी है। संघ ने कहा है कि यूनिवर्सिटी अब “अच्छी स्थिति” में नहीं है और इसलिए उसे एआईयू की सदस्यता सूची से बाहर किया जाता है। इसके साथ ही अल-फलाह यूनिवर्सिटी को तुरंत अपने सभी प्लेटफॉर्म से एआईयू का नाम और लोगो हटाने का निर्देश दिया गया है। एआईयू ने स्पष्ट किया कि अब यह संस्थान किसी भी आधिकारिक गतिविधि या प्रचार सामग्री में उसका नाम या प्रतीक चिह्न इस्तेमाल नहीं कर सकेगा।
अच्छी स्थिति में नहीं यूनिवर्सिटी
एआईयू की ओर से जारी पत्र में कहा गया कि उपनियमों के अनुसार केवल वही संस्थान सदस्य बने रह सकते हैं जो “अच्छी स्थिति” में हों। लेकिन मीडिया रिपोर्टों और जांच के आधार पर यह पाया गया कि अल-फलाह यूनिवर्सिटी उस स्थिति में नहीं है। इसी कारण उसकी सदस्यता तत्काल प्रभाव से समाप्त की जा रही है। एआईयू ने यह भी स्पष्ट किया कि यूनिवर्सिटी को अपने आधिकारिक दस्तावेजों, वेबसाइट और प्रचार सामग्री से एआईयू का लोगो और नाम तुरंत हटाना होगा। संघ ने चेतावनी दी कि आदेश का उल्लंघन करने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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फोरेंसिक ऑडिट के आदेश, जांच एजेंसियां सक्रिय
इस बीच, केंद्र सरकार ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी के सभी रिकॉर्ड की फोरेंसिक ऑडिट कराने का आदेश दिया है। बताया जा रहा है कि हाल ही में दिल्ली में लाल किले के पास हुए विस्फोट की जांच में इस यूनिवर्सिटी का नाम सामने आने के बाद यह कदम उठाया गया है। ईडी समेत अन्य वित्तीय एजेंसियों को संस्थान के लेन-देन और फंडिंग की जांच का निर्देश दिया गया है। यह निर्णय केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद लिया गया, जिसमें दिल्ली ब्लास्ट मामले की प्रगति पर चर्चा हुई थी। यूनिवर्सिटी अब जांच एजेंसियों की निगरानी में है और आने वाले दिनों में इसके खिलाफ और सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।