PNB fraud Cases: पश्चिम बंगाल में बैंक धोखाधड़ी से जुड़े तीन अलग-अलग मामलों में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने कोलकाता और आसपास के क्षेत्रों में आठ स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई दर्ज एफआईआर के आधार पर की गई, जिनमें मेसर्स तांतिया कंस्ट्रक्शन लिमिटेड, मेसर्स ब्रह्म अलॉयज लिमिटेड और मेसर्स अमृत फीड्स लिमिटेड से जुड़े मामले शामिल हैं। जांच एजेंसी का कहना है कि इन मामलों में पंजाब नेशनल बैंक को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है।
तांतिया कंस्ट्रक्शन मामले में दस्तावेज जब्त
सीबीआई ने तांतिया कंस्ट्रक्शन लिमिटेड के निदेशकों के आवासीय परिसरों पर तलाशी ली। जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण और संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए गए हैं। आरोप है कि कंपनी ने बैंक से प्राप्त कैश क्रेडिट और टर्म लोन सुविधाओं का निर्धारित उद्देश्य के विपरीत उपयोग किया। इस मामले में बैंक को लगभग 73 करोड़ रुपये का नुकसान होने की बात कही गई है।
ब्रह्म अलॉयज पर फंड डायवर्जन के आरोप
ब्रह्म अलॉयज लिमिटेड से जुड़े मामले में भी एजेंसी ने निदेशकों के ठिकानों पर छापेमारी की। जांच के अनुसार, कंपनी पर बैंक से मिली धनराशि को अन्य समूह कंपनियों में निवेश करने और विभिन्न खातों के माध्यम से फंड स्थानांतरित करने के आरोप हैं। इस मामले में पंजाब नेशनल बैंक को करीब 58 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया गया है। सीबीआई ने जांच के लिए कई दस्तावेज और रिकॉर्ड अपने कब्जे में लिए हैं।
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अमृत फीड्स लिमिटेड भी जांच के दायरे में
तीसरे मामले में अमृत फीड्स लिमिटेड के निदेशकों और संबंधित परिसरों की तलाशी ली गई। आरोप है कि कंपनी ने व्यवसाय संचालन के लिए प्राप्त ऋण राशि का दुरुपयोग किया और उसे अन्य संबंधित कंपनियों के हित में इस्तेमाल किया। जांच एजेंसी के अनुसार, कंपनी ने कुछ संपत्तियों की बिक्री भी कथित रूप से ऋणदाताओं की अनुमति के बिना की। इस मामले में बैंक को लगभग 60 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
कुल नुकसान 191 करोड़ रुपये के करीब
सीबीआई के अनुसार, तीनों मामलों को मिलाकर पंजाब नेशनल बैंक को करीब 191 करोड़ रुपये का कथित नुकसान पहुंचा है। एजेंसी फिलहाल जब्त दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बैंकिंग धोखाधड़ी से जुड़े इन मामलों में वित्तीय अनियमितताओं की गहराई से पड़ताल की जा रही है।