Reshuffle in Bihar: बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में रिकॉर्ड 10वीं बार शपथ लेने के बाद नीतीश कुमार ने शुक्रवार को अपनी नई कैबिनेट में विभागों का बंटवारा कर दिया। सबसे बड़ा बदलाव गृह विभाग को लेकर हुआ, जिसे नीतीश कुमार ने इस बार अपने पास नहीं रखा। गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को सौंपी गई है, जिससे उनका राजनीतिक कद और मजबूत हुआ है। राज्य की राजनीति में यह एक बड़ा उलटफेर माना जा रहा है, क्योंकि वर्षों से गृह विभाग नीतीश कुमार के पास ही रहता आया था। फिलहाल जेडीयू कोटे के मंत्रियों के विभागों का बंटवारा रोक दिया गया है, जबकि बीजेपी सहित अन्य सहयोगी दलों के विभाग तय कर दिए गए हैं।
मंत्रियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां
दूसरे उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा को भूमि एवं राजस्व विभाग के साथ खान एवं भू-तत्व विभाग की जिम्मेदारी मिली है। वहीं, मंगल पांडे को एक बार फिर स्वास्थ्य मंत्रालय की कमान सौंपी गई है, साथ ही उन्हें कानून विभाग भी दिया गया है। उद्योग विभाग की बागडोर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल को दी गई है। इसके अलावा राम कृपाल यादव को कृषि मंत्रालय मिला है, जबकि नितिन नवीन को पथ निर्माण, नगर विकास और आवास विभाग की जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। खेल मंत्रालय और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग श्रेयसी सिंह को दिया गया है।
सहयोगी दलों को भी मिले अहम विभाग
एलजेपी (रामविलास) को गन्ना उद्योग और लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग सौंपा गया है, हालांकि किस मंत्री को कौन सा विभाग मिलेगा यह स्पष्ट नहीं है। जीतन राम मांझी की पार्टी हम को लघु जल संसाधन विभाग दिया गया है, जिसके मंत्री उनके बेटे संतोष सुमन होंगे। वहीं, आरएलएम नेता उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश को पंचायती राज विभाग की जिम्मेदारी मिली है। इन नियुक्तियों से एनडीए ने अपने सहयोगी दलों के बीच संतुलन बनाए रखने की कोशिश की है।