Army Chief Randy George: अमेरिका की सैन्य व्यवस्था में उस समय हलचल मच गई जब रैंडी जॉर्ज को अचानक उनके पद से हटा दिया गया। दुनिया की सबसे ताकतवर सेना के प्रमुख को कार्यकाल पूरा होने से पहले हटाना एक असाधारण घटना मानी जा रही है। इस फैसले ने न केवल पेंटागन बल्कि वैश्विक रणनीतिक हलकों में भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर ऐसे समय में जब अंतरराष्ट्रीय तनाव लगातार बढ़ रहा है।
रक्षा मंत्री का कड़ा फैसला
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने जनरल जॉर्ज को तत्काल प्रभाव से पद छोड़ने का आदेश दिया। जॉर्ज ने अगस्त 2023 में आर्मी चीफ का पद संभाला था और उनका कार्यकाल चार साल का होना था, लेकिन उन्हें तय समय से पहले ही हटा दिया गया। आधिकारिक तौर पर इस फैसले के पीछे की वजह सामने नहीं आई है, जिससे अटकलों का दौर तेज हो गया है।
नई जिम्मेदारी सौंपी गई
जॉर्ज के हटने के बाद उप प्रमुख क्रिस्टोफर ला नेवे को कार्यवाहक सेना प्रमुख बनाया गया है। यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका कई वैश्विक चुनौतियों से जूझ रहा है। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि यह कदम किसी बड़े रणनीतिक बदलाव का संकेत हो सकता है, हालांकि सरकार की ओर से इस पर कोई स्पष्ट बयान नहीं दिया गया है।
सुविधाएं बेहद आकर्षक
अमेरिकी सेना प्रमुख का पद जितना प्रभावशाली है, उतना ही आर्थिक रूप से मजबूत भी है। एक फोर-स्टार जनरल (O-10) को हर महीने लगभग 21,000 डॉलर से अधिक की बेसिक सैलरी मिलती है, जो सालाना करीब 2.5 लाख डॉलर तक पहुंचती है। इसके अलावा आवास, भोजन और अन्य भत्तों को जोड़ दिया जाए तो कुल पैकेज 2 करोड़ रुपये से भी ज्यादा हो जाता है।
जिम्मेदारी का बड़ा इनाम
अमेरिकी सेना में वेतन संरचना रैंक और अनुभव के आधार पर तय होती है। 20 साल से अधिक सेवा वाले वरिष्ठ अधिकारियों को विशेष भत्ते और उच्च स्तर की सुरक्षा सुविधाएं मिलती हैं। आर्मी चीफ जैसे पद पर पहुंचने वाले अधिकारी न केवल रणनीतिक फैसलों में अहम भूमिका निभाते हैं, बल्कि उन्हें देश के सबसे विशिष्ट और प्रभावशाली व्यक्तियों में भी गिना जाता है।