Subhendu Adhikaris PA Case: पश्चिम बंगाल में नेता प्रतिपक्षशुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। संयुक्त कार्रवाई में उत्तर प्रदेश के बलिया निवासी राज सिंह उर्फ चंदन को गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में बिहार के बक्सर से मयंक राज मिश्रा और विक्की मौर्य को भी हिरासत में लिया गया है। पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद आरोपियों की एक तकनीकी गलती ने पूरी साजिश का खुलासा कर दिया।
खुला मर्डर मिस्ट्री का राज
जांच एजेंसियों के मुताबिक, वारदात के बाद आरोपी सिल्वर रंग की कार से फरार हुए थे। भागने के दौरान उन्होंने बाली टोल प्लाजा पर नकद भुगतान करने के बजाय यूपीआई के जरिए टोल टैक्स जमा किया। इसी डिजिटल ट्रांजेक्शन से पुलिस को मोबाइल नंबर मिला और जांच टीम आरोपियों तक पहुंच गई। टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज में कार और उसमें बैठे लोगों की तस्वीरें भी साफ दिखाई दीं, जिससे पहचान आसान हो गई।
पुलिस को किया गुमराह
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने इस्तेमाल की गई कार पर सिलीगुड़ी की एक असली गाड़ी का फर्जी नंबर लगाया था। बताया जा रहा है कि ऑनलाइन पोर्टल से कार की तस्वीर लेकर उसकी क्लोन नंबर प्लेट तैयार की गई थी। इसका मकसद पुलिस को भ्रमित करना और जांच को भटकाना था। हालांकि, तकनीकी साक्ष्य और कैमरों की मदद से पुलिस ने इस चाल का पर्दाफाश कर दिया।
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बलिया के राज सिंह
गिरफ्तार आरोपी राज सिंह उर्फ चंदन बलिया के आनंद नगर क्षेत्र का रहने वाला बताया जा रहा है। वह क्षत्रिय महासभा का महासचिव भी रह चुका है। पुलिस के अनुसार, उस पर पहले भी हत्या का मामला दर्ज है और वह जमानत पर बाहर था। जांच में यह भी सामने आया कि वह हाल ही में लखनऊ में एक शादी समारोह में शामिल होने गया था, जहां से लौटते वक्त अयोध्या में उसे पकड़ लिया गया।
शूटरों की भूमिका की जांच
जांच एजेंसियों का मानना है कि हत्या की साजिश में बिहार और पूर्वांचल के पेशेवर शूटरों का इस्तेमाल किया गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस हत्याकांड का मास्टरमाइंड कौन है और इसके पीछे असली वजह क्या थी। फिलहाल सभी आरोपियों को कोलकाता ले जाकर पूछताछ की जा रही है और मामले से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।