ISI Agent Arrested: राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। सीमा क्षेत्र में संदिग्ध रूप से घूम रहे पंजाब के फिरोजपुर निवासी प्रकाश सिंह उर्फ बादल को पकड़कर पूछताछ में पता चला कि वह लंबे समय से पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के लिए जासूसी कर रहा था। सीआईडी इंटेलिजेंस की लगातार निगरानी के बाद यह बड़ा खुलासा हुआ। आरोपी सोशल मीडिया के जरिये पाक हैंडलर्स के संपर्क में था और सेना की गतिविधियों, सैन्य ठिकानों और बॉर्डर के हालात जैसी महत्वपूर्ण जानकारी पाकिस्तान भेज रहा था। उसके फोन में पाकिस्तानी नंबरों से लगातार संपर्क के प्रमाण भी मिले।
ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ाव
ज्वाइंट इंटरोगेशन सेंटर में पूछताछ के दौरान सामने आया कि प्रकाश सिंह ऑपरेशन सिंदूर से ही ISI के संपर्क में था। वह भारतीय सेना के वाहनों की मूवमेंट, सीमावर्ती इलाकों की भौगोलिक स्थिति, पुल-सड़क नेटवर्क, रेलवे लाइन और नए निर्माण कार्यों की जानकारी इकट्ठा कर पाक हैंडलर्स तक भेजता था। यह इनपुट पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियों के लिए बेहद संवेदनशील और रणनीतिक रूप से अहम थे। उसकी लगातार सक्रियता से यह भी साफ हुआ कि वह एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा था।
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OTP सप्लाई और फंडिंग का नेटवर्क
सिर्फ जासूसी नहीं, बल्कि आरोपी OTP सप्लाई के जरिए पाकिस्तान को भारतीय मोबाइल नंबरों से व्हाट्सऐप एक्टिवेट कराने में भी मदद कर रहा था। इन नंबरों का उपयोग पाक एजेंट जासूसी, फर्जी पहचान और अन्य राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के लिए करते थे। इस काम के बदले बादल को नियमित रूप से पैसे भी मिलते थे। गहन जांच और तकनीकी विश्लेषण में सारे सबूत मिलने के बाद उसे शासकीय गुप्त बात अधिनियम 1923 के तहत जयपुर में दर्ज मुकदमे में औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।