Lalu in Bihar Politics: बिहार की राजनीति में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के पूर्व राज्य प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए हैं। लंबे समय तक राजद का प्रमुख चेहरा रहे तिवारी ने भाजपा के साथ अपनी नई राजनीतिक पारी की शुरुआत की। पार्टी में शामिल होने से पहले उन्होंने पटना स्थित हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना की।
मंदिर में पूजा के बाद भाजपा का दामन थामा
भाजपा में शामिल होने से पहले मृत्युंजय तिवारी ने हनुमान मंदिर में दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने कहा कि वह नियमित रूप से मंदिर आते हैं और सुंदरकांड का पाठ करते हैं। उन्होंने कहा, "हम राम भक्त हैं और हर मंगलवार यहां पूजा करने आते हैं।" इसके बाद उन्होंने औपचारिक रूप से भाजपा की सदस्यता ग्रहण की।
राजद नेतृत्व पर लगाए थे गंभीर आरोप
राजद छोड़ने के दौरान मृत्युंजय तिवारी ने पार्टी नेतृत्व, विशेषकर तेजस्वी यादव पर उपेक्षा और अपमान का आरोप लगाया था। उनका कहना था कि लंबे समय तक पार्टी के लिए काम करने के बावजूद उन्हें अपेक्षित सम्मान नहीं मिला। इन आरोपों के बाद उनके पार्टी छोड़ने की अटकलें तेज हो गई थीं।
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लंबे समय तक निभाई थी अहम जिम्मेदारी
मृत्युंजय तिवारी कई वर्षों तक राजद के प्रमुख प्रवक्ता और मीडिया से जुड़े महत्वपूर्ण चेहरों में शामिल रहे। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 में, जब पार्टी कठिन दौर से गुजर रही थी, तब लालू प्रसाद यादव ने उन्हें राष्ट्रीय प्रवक्ता और मीडिया प्रभारी जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी थीं। उन्होंने कहा कि उन्होंने पूरी निष्ठा के साथ पार्टी की नीतियों और विचारधारा को जनता तक पहुंचाने का प्रयास किया।
बिहार की राजनीति में बढ़ी हलचल
मृत्युंजय तिवारी के भाजपा में शामिल होने को बिहार की राजनीति में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इससे राजद को संगठनात्मक स्तर पर झटका लग सकता है, वहीं भाजपा इसे अपने विस्तार के रूप में देख रही है। आगामी राजनीतिक गतिविधियों और चुनावी रणनीतियों के बीच इस घटनाक्रम पर सभी दलों की नजर बनी हुई है।