पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में एसआईआर प्रक्रिया के दौरान बड़ा विवाद खड़ा हो गया। वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने को लेकर लोगों का गुस्सा भड़क गया और हालात इतने बिगड़ गए कि नेशनल हाईवे 12 करीब 9 घंटे तक जाम रहा। इस घटना ने राज्य की राजनीति को और गर्मा दिया है।
अधिकारियों को घेरने से बिगड़ी स्थिति
प्रदर्शन के दौरान भीड़ ने तीन महिला अधिकारियों समेत कुल 7 न्यायिक अधिकारियों को घेर लिया। बताया जा रहा है कि प्रदर्शनकारी उनसे बातचीत करना चाहते थे, लेकिन बात नहीं बनने पर हालात तनावपूर्ण हो गए। इस दौरान अधिकारियों को बाहर निकलने तक नहीं दिया गया, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई।
हाईवे जाम और पुलिस से टकराव
घटना के अगले दिन भी प्रदर्शन जारी रहा और मालदा के अलग-अलग इलाकों में सड़क जाम किया गया। नेशनल हाईवे 12 पूरी तरह ठप हो गया, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। जाम हटाने पहुंची पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प भी हुई, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी घायल हो गए।
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सुप्रीम कोर्ट ने जताई सख्ती
मामला जब सुप्रीम कोर्ट पहुंचा तो कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई। सुप्रीम कोर्ट ने इसे गंभीर बताते हुए कहा कि यह घटना कानून व्यवस्था और न्यायिक प्रक्रिया के लिए खतरा है। कोर्ट ने जांच सीबीआई या एनआईए से कराने की बात कही और राज्य प्रशासन को फटकार लगाई।
राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप तेज
घटना के बाद सियासत भी तेज हो गई है। ममता बनर्जी ने कहा कि लोग एसआईआर से नाराज हैं और उन्होंने किसी भी उकसावे में न आने की अपील की। वहीं बीजेपी की ओर से आरोप लगाया गया कि राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह फेल हो चुकी है।
आगे क्या होगा, सबकी नजरें टिकीं
फिलहाल इलाके में भारी पुलिस बल और केंद्रीय सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और प्रशासन हालात को काबू में लाने की कोशिश कर रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि जांच में क्या सामने आता है और इस सियासी विवाद का अंत कैसे होता है।