दिल्ली के मालवीय नगर में स्थित एक होटल-रेस्तरां में लगी भीषण आग ने राजधानी को गहरे सदमे में डाल दिया है। इस दर्दनाक हादसे में 21 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। आग इतनी भयावह थी कि कई लोगों को जान बचाने के लिए ऊंची मंजिलों से छलांग लगानी पड़ी। राहत और बचाव अभियान पूरा होने के बाद अब प्रशासन हादसे के कारणों और जिम्मेदार लोगों की पहचान में जुट गया है।
उपराज्यपाल की हाईलेवल बैठक में हुई समीक्षा
हादसे के बाद दिल्ली के उपराज्यपाल ने शाम को एक उच्चस्तरीय आपात बैठक बुलाई। बैठक में मुख्य सचिव, दमकल विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, पुलिस अधिकारी और जिला प्रशासन के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की गई और आग लगने के कारणों की जांच को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जांच प्रक्रिया तेज की जाए और सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की स्थिति में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
होटल मालिक पर केस, तलाश में जुटीं कई टीमें
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में गैर-इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। जांच के दौरान सामने आए प्रारंभिक तथ्यों के आधार पर होटल मालिक को मुख्य आरोपी माना जा रहा है। उसकी गिरफ्तारी के लिए कई विशेष टीमों का गठन किया गया है और राजधानी के विभिन्न इलाकों में लगातार छापेमारी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है।
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विदेशी नागरिकों समेत कई लोग बने हादसे का शिकार
मृतकों में बड़ी संख्या विदेशी नागरिकों की बताई जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मरने वाले 21 लोगों में 17 विदेशी नागरिक शामिल हैं, जिनका संबंध नाइजीरिया, मोजाम्बिक, बांग्लादेश और लाइबेरिया जैसे देशों से बताया जा रहा है। वहीं घायलों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में जारी है। डॉक्टरों के अनुसार कई मरीज गंभीर रूप से झुलसे हुए हैं, जबकि कुछ को धुएं के कारण फेफड़ों से जुड़ी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाओं के बीच जवाबदेही पर बहस
हादसे के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। विपक्षी नेताओं ने सुरक्षा मानकों और प्रशासनिक निगरानी पर सवाल उठाए हैं, जबकि सरकार की ओर से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया गया है। इस बीच रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल दिल्ली पुलिस के 10 जवान भी घायल हुए हैं, जिनका इलाज चल रहा है। सरकार ने मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने और घायलों का पूरा इलाज कराने का आश्वासन दिया है। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे इस भीषण त्रासदी के पीछे की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी।