Mamata Banerjee changed Bio: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बड़ा बदलाव किया है। भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के तुरंत बाद ममता बनर्जी ने अपने बायो को अपडेट कर दिया। पहले जहां उनके प्रोफाइल में “मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल” लिखा था, वहीं अब उन्होंने खुद को “अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष” बताया है। इसके साथ उन्होंने 15वीं, 16वीं और 17वीं विधानसभा की मुख्यमंत्री होने का उल्लेख भी किया है।
हार के बाद इस्तीफा देने से किया था इनकार
विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद ममता बनर्जी ने हार स्वीकार करने के बावजूद मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने से इनकार कर दिया था। उन्होंने कहा था कि वह चुनाव नहीं हारी हैं, इसलिए इस्तीफा देने का सवाल ही नहीं उठता। यही वजह रही कि चुनाव परिणाम आने के बाद भी उनके सोशल मीडिया प्रोफाइल में “पूर्व मुख्यमंत्री” जैसा कोई शब्द नहीं जोड़ा गया था। हालांकि शुभेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण के बाद उन्होंने आखिरकार अपना बायो बदल दिया।
संवैधानिक परंपरा पर उठे सवाल
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि संवैधानिक रूप से ममता बनर्जी 7 मई तक कार्यवाहक मुख्यमंत्री थीं, लेकिन परंपरा के मुताबिक चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद मुख्यमंत्री इस्तीफा दे देते हैं। वर्ष 2011 में भी पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य ने परिणाम आने के तुरंत बाद पद छोड़ दिया था। इसी आधार पर विपक्ष ने ममता बनर्जी के फैसले पर सवाल उठाए थे।
बंगाल के 9वें मुख्यमंत्री बने शुभेंदु अधिकारी
भाजपा विधायक दल के नेता चुने जाने के बाद शुभेंदु अधिकारी ने आज पश्चिम बंगाल के 9वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्रीनरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। शपथ के बाद शुभेंदु अधिकारी ने भी अपने सोशल मीडिया बायो में बदलाव करते हुए “पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री” लिख दिया। इससे पहले उनके प्रोफाइल में “विपक्ष के नेता” दर्ज था।
चुनाव में बीजेपी को मिली बड़ी जीत
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 207 सीटों पर जीत दर्ज कर राज्य की सत्ता हासिल की, जबकि टीएमसी 80 सीटों तक सीमित रह गई। शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों से चुनाव लड़कर जीत दर्ज की। भवानीपुर सीट पर उन्होंने ममता बनर्जी को 15 हजार से अधिक वोटों से हराया। चुनावी नतीजों के बाद बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है और भाजपा पहली बार राज्य में पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने में सफल रही है।