पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के खिलाफ कोलकाता में धरना दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और चुनाव आयोग बंगाली मतदाताओं को मताधिकार से वंचित करने की साजिश रच रहे हैं। ममता बनर्जी ने कहा, "मैं बंगाली मतदाताओं को मताधिकार से वंचित करने के भाजपा-निर्वाचन आयोग के षड्यंत्र का पर्दाफाश करूंगी"।
1.2 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए
उन्होंने दावा किया कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान लगभग 1.2 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, जो कुल मतदाताओं का लगभग 8.3 प्रतिशत है। ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर राजनीतिक मंशा से कार्रवाई करने का आरोप लगाया और कहा कि यह लोकतंत्र के लिए चिंताजनक और दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है।
यह एक साजिश है
ममता बनर्जी के प्रदर्शन के बाद चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया अभी तक सामने नहीं आई है। हालांकि, तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग ने जानबूझकर मतदाताओं के नाम हटाए हैं और यह एक साजिश है।
आयोग ने कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया
चुनाव आयोग ने अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन ममता बनर्जी ने दावा किया है कि वह इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में ले जाएंगी और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा करेंगी।
मताधिकार से वंचित करने की साजिश रच रहे
ममता बनर्जी के इस प्रदर्शन के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में कई बदलाव हो सकते हैं। उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने आरोप लगाया है कि भाजपा और चुनाव आयोग मिलकर बंगाली मतदाताओं को मताधिकार से वंचित करने की साजिश रच रहे हैं। यह मुद्दा आगामी विधानसभा चुनावों में बड़ा बन सकता है, और ममता बनर्जी इसे केंद्र बनाम राज्य के टकराव के रूप में पेश कर सकती हैं।
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